कानपुरः एचबीटीयू कैंपस में इंटर की छात्रा ने फांसी लगाकर दी जान, परीक्षा के दवाब में उठाया कदम

डिजिटल डेस्क- कानपुर के नवाबगंज थाना क्षेत्र स्थित एचबीटीयू कैंपस में रहने वाली 17 वर्षीय इंटर की छात्रा ने शनिवार देर रात फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। रविवार सुबह जब पिता ने बेटी का शव कमरे में पंखे से लटका देखा तो परिवार में चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका की पहचान प्रकृति सिंह (17) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से जिला इटावा के बकेवर की रहने वाली थी। उसके पिता सुनील कुमार एचबीटीयू में मैकेनिक पद पर कार्यरत हैं और परिवार के साथ कैंपस में ही रहते थे। परिवार में मां नेमा, छोटा भाई अविरल और प्रकृति थीं।

चल रही है परीक्षाएं, एकाउंटेसीं विषय को लेकर थी चिंतित

पिता ने बताया कि प्रकृति मंधना के भवानीपुर स्थित एनएलके एकेडमी में सीबीएसई बोर्ड से इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रही थी। इन दिनों उसकी परीक्षाएं चल रही थीं। 18 फरवरी को एजुकेशन विषय की परीक्षा हुई थी, जिसके बाद उसने बताया था कि पेपर अच्छा गया है। अगली परीक्षा 24 फरवरी को एकाउंटेंसी की थी। इसी विषय को लेकर वह थोड़ी चिंतित थी, हालांकि परिवार के अनुसार वह सामान्य व्यवहार कर रही थी। पिता ने बताया कि शनिवार रात करीब एक बजे तक वह अपने कमरे में पढ़ाई करती दिखी थी। रविवार सुबह करीब सात बजे जब वह दूध लेने के लिए उठे तो बाहर जाने से पहले बेटी के कमरे का दरवाजा खटखटाया। कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर उन्होंने दरवाजा धक्का देकर खोला। अंदर का दृश्य देख वह स्तब्ध रह गए प्रकृति का शव स्टॉल के सहारे पंखे से लटका हुआ था।

मौके से नहीं मिला कोई सुसाइड नोट

घटना के बाद परिवार और आसपास के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का कहना है कि उन्होंने हमेशा बेटी को समझाया था कि परीक्षा को लेकर तनाव न ले और किसी प्रकार का दबाव महसूस न करे। बावजूद इसके, शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि परीक्षा के दबाव के कारण ही उसने यह कदम उठाया। नवाबगंज थाना प्रभारी केशव कुमार तिवारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के सभी पहलुओं को स्पष्ट किया जा सके।

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