शिव शंकर सविता- उत्तर प्रदेश के कानपुर से सामने आई यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज के मुंह पर तमाचा है। घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र के सर्देपुर गांव में रविवार रात एक शराबी पति ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए अपनी गर्भवती पत्नी और ढाई साल के मासूम बेटे की गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी। वजह सिर्फ इतनी थी कि पत्नी ने शराब पीने से रोका था। मृतका रूबी (25) और उसका मासूम बेटा लवांश, सर्देपुर निवासी सुरेंद्र यादव उर्फ स्वामी के साथ रहते थे। सुरेंद्र खेती के साथ ट्रक ड्राइविंग करता था, लेकिन शराब की लत ने उसे एक राक्षस में बदल दिया। परिजनों के मुताबिक, शराब को लेकर घर में रोज झगड़े होते थे। रूबी गर्भवती थी और पति की लत से परेशान रहती थी।
शराब पीने से टोका तो खोया आपा
रविवार रात भी यही हुआ। रूबी ने शराब पीने से रोका तो सुरेंद्र आगबबूला हो गया। गुस्से में उसने जो किया, वह इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला है। आरोपी ने पत्नी और मासूम बेटे का गला काट दिया और मौके से फरार हो गया। घटना का खुलासा तब हुआ जब सुरेंद्र का छोटा भाई राजेश उर्फ राजू, 90 वर्षीय मां के लिए सब्जी देने घर पहुंचा। बरामदे में खून से लथपथ रूबी और लवांश के शव पड़े थे। यह दृश्य देखकर पूरे परिवार में कोहराम मच गया।
फॉरेंसिक टीम संग पहुंचे आला अधिकारी
सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी और संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था आशुतोष कुमार मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सबूत जुटाए। मौके का मंजर बता रहा था कि हत्या अचानक नहीं, बल्कि झगड़े के दौरान की गई। चूल्हे पर दाल-चावल और सब्जी बनी थी। आटे की परात पर खून के छींटे थे। घर में संघर्ष के साफ निशान थे। यानी खाना बनाने के दौरान विवाद इतना बढ़ा कि शराबी पति ने मौत का तांडव मचा दिया।
साले को फोन कर कहा- अगर मैं तुम्हारी बहन को नहीं मारता तो वह मुझे मार देती
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या के बाद आरोपी ने मृतका के भाई से फोन पर बात की। उसने कहा— “अगर मैं तुम्हारी बहन को नहीं मारता तो वह मुझे मार देती।” यह बयान नशे में डूबे अपराधी की मानसिकता को उजागर करता है।