शिव शंकर सविता- उत्तर प्रदेश के कानपुर में ट्रैफिक व्यवस्था की पोल उस वक्त खुल गई, जब गुरुवार दोपहर घंटाघर चौराहे के पास लगे भीषण जाम में खुद एडिशनल पुलिस कमिश्नर डॉ. विपिन ताडा फंस गए। मौके की स्थिति देखकर अधिकारी नाराज हो गए और तत्काल सख्त कार्रवाई करते हुए दो चौकी प्रभारियों को लाइन हाजिर कर दिया। जानकारी के मुताबिक, शहर के व्यस्त घंटाघर चौराहे पर अचानक यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। लंबा जाम लगने से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसी दौरान एडिशनल पुलिस कमिश्नर डॉ. विपिन ताडा भी उसी जाम में फंस गए। जब उन्होंने मौके की स्थिति का जायजा लिया, तो पाया कि ड्यूटी पर तैनात जिम्मेदार अधिकारी मौके से नदारद हैं।
ड्यूटी की बजाय चौरी में आराम फरमाते मिले जिम्मेदार
जांच में सामने आया कि नयागंज और सुतरखाना चौकी के प्रभारी सुमित कुमार और कामेश राज ड्यूटी स्थल पर मौजूद रहने के बजाय चौकी में बैठे थे। इस लापरवाही के चलते ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई और आम जनता को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने मौके पर ही सख्त रुख अपनाया और दोनों चौकी प्रभारियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर करने का आदेश दे दिया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और अन्य कर्मियों को भी सतर्क रहने का संदेश मिला है।
लगातार चलाया जा रहा है अभियान
वहीं, दूसरी ओर रविंद्र कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जाम खुलवाने में जुट गए। पुलिस बल की मदद से धीरे-धीरे यातायात को सामान्य किया गया और फंसे हुए वाहनों को निकाला गया। बताया जा रहा है कि शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए कमिश्नरेट के अधिकारी लगातार अभियान चला रहे हैं। बावजूद इसके, इस तरह की लापरवाही सामने आना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आगे भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।