डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से सामने आया एक घरेलू विवाद अब पुलिस महकमे और आम जनता के बीच चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। मामला एक महिला सब-इंस्पेक्टर और उसके पति के बीच चल रहे दहेज विवाद से जुड़ा है, जिसने कानूनी और सामाजिक दोनों स्तरों पर हलचल मचा दी है। बरेली में तैनात महिला दरोगा पायल रानी ने अपने पति गुलशन और ससुराल पक्ष के कई सदस्यों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया है, जबकि पति ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए खुद को पीड़ित बताया है। महिला दरोगा पायल रानी ने 13 नवंबर को हापुड़ कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। पायल का कहना है कि उसकी शादी 2 दिसंबर 2022 को हिंदू रीति-रिवाज से गुलशन के साथ हुई थी। शादी के तुरंत बाद वह पुलिस ट्रेनिंग के लिए मुरादाबाद चली गई, तभी से ससुराल पक्ष की ओर से उस पर दहेज को लेकर दबाव बनना शुरू हो गया। पायल के मुताबिक, उससे 10 लाख रुपये नकद और एक कार की मांग की जा रही थी। बरेली में पोस्टिंग मिलने के बाद भी उसने अपनी पूरी सैलरी पति के खाते में ट्रांसफर की, लेकिन इसके बावजूद ससुराल वालों की मांगें कम नहीं हुईं।
दरोगा पत्नी ने लगाया 10 लाख रूपए मांगने का आरोप
पायल ने आरोप लगाया कि पति और ससुराल पक्ष ने उस पर 10 लाख रुपये का लोन अपने नाम से लेने का दबाव बनाया, जिसे उसने मजबूरी में पूरा भी किया। इसके बाद भी कथित रूप से उससे दोबारा नकद रकम और लग्जरी कार की मांग की गई। महिला दरोगा का कहना है कि विरोध करने पर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया, मारपीट की गई और तेजाब फेंकने तक की धमकी दी गई। पायल ने पति, सास-ससुर, जेठ-जेठानी, ननदों और नंदोई समेत कई लोगों को आरोपी बनाया है। हालांकि, इस पूरे मामले में पति गुलशन की कहानी बिल्कुल अलग है। गुलशन का दावा है कि पायल के लगाए गए आरोप पूरी तरह झूठे और मनगढ़ंत हैं। उसने पुलिस अधिकारियों के सामने बयान देते हुए कहा कि उसका और पायल का प्रेम संबंध वर्ष 2016 से था। दोनों ने 2021 में कोर्ट मैरिज की और 2022 में सामाजिक रीति-रिवाज से शादी की गई।
पढ़ाई के दौरान उठाया सारा खर्च- पति
गुलशन का आरोप है कि जब पायल पढ़ाई कर रही थी, तब उसने अपनी मेहनत की कमाई से उसकी पढ़ाई और कोचिंग का खर्च उठाया, ताकि वह सब-इंस्पेक्टर बन सके। गुलशन का कहना है कि पायल के दरोगा बनने के बाद उसका व्यवहार बदल गया और अब वह उसके साथ नहीं रहना चाहती। इसी वजह से उसने दहेज उत्पीड़न का झूठा मुकदमा दर्ज कराकर पूरे परिवार को फंसाने की कोशिश की है। पति ने हापुड़ के पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच की मांग की है।