चंदौली में इंटीग्रेटेड कोर्ट परिसर का शिलान्यास, देश के लिए नजीर बनेगा यूपी मॉडल: CJI न्यायमूर्ति सूर्यकांत

अश्विनी मिश्र- उत्तर प्रदेश के न्यायिक इतिहास में शुक्रवार का दिन एक नई इबारत लिख गया। चंदौली जिले को लेकर दो दशकों से चला आ रहा लंबा इंतजार आखिरकार समाप्त हो गया, जब सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1500 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इंटीग्रेटेड मॉडल कोर्ट परिसर का शिलान्यास किया। यह आयोजन न सिर्फ चंदौली बल्कि पूरे प्रदेश और देश के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने चंदौली के साथ-साथ औरैया, महोबा, अमेठी, शामली और हाथरस में बनने वाले मॉडल न्यायालय परिसरों का भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिलान्यास किया। इसके साथ ही लंबे समय से जिला न्यायालय की मांग कर रहे अधिवक्ताओं का संघर्ष रंग लाया और उनकी बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हुई। यह भी पहली बार हुआ जब सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का चंदौली आगमन हुआ, जिससे जनपद के इतिहास में यह दिन विशेष रूप से दर्ज हो गया।

न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और वादकारियों को एक ही परिसर में सभी मिलेंगी सभी न्यायिक सुविधाएं

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण भंसाली ने कहा कि अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स से न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और वादकारियों को एक ही परिसर में सभी न्यायिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे न केवल कार्यक्षमता बढ़ेगी बल्कि आम जनता को भी न्याय पाने में आसानी होगी। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि उत्तर प्रदेश का इंटीग्रेटेड कोर्ट परिसर पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल बनेगा। उन्होंने कहा कि जब वे अन्य राज्यों का दौरा करेंगे तो वहां की सरकारों से भी यूपी की तर्ज पर ऐसे ही इंटीग्रेटेड कोर्ट परिसर विकसित करने का आग्रह करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह की एकीकृत व्यवस्था से आम आदमी को न्याय सुलभ, सरल और तेज गति से मिलेगा। अपने संबोधन में उन्होंने इंटीग्रेटेड कोर्ट परिसर में महिला बार और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने का सुझाव भी दिया।

सीएम योगी ने किया सीजेआई का स्वागत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का स्वागत करते हुए कहा कि सीमावर्ती जनपद चंदौली में न्यायिक सुविधाओं को सुदृढ़ करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका के इतिहास में यह आवश्यक है कि न्याय से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं एक ही परिसर में हों, जिससे न्याय सहज और प्रभावी हो सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के 10 जनपदों में एकीकृत न्यायालय परिसरों को स्वीकृति मिल चुकी है और पहले चरण में 6 जनपदों में शिलान्यास किया गया है। मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं के लिए बेहतर चैंबर सुविधाओं की आवश्यकता पर भी बल दिया और कहा कि सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए न्यायिक ढांचे को मजबूत करना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि देश के न्यायिक इतिहास में उत्तर प्रदेश से एक नया अध्याय स्वर्ण अक्षरों में जुड़ने जा रहा है।

286 करोड़ की लागत से बने 37 कोर्ट रूम

यूपी प्लानिंग डिपार्टमेंट के अनुसार, चंदौली में बनने वाले मॉडल कोर्ट परिसर में कुल 37 कोर्ट रूम होंगे, जिनका निर्माण लगभग 286 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। इस परिसर में एक ही छत के नीचे निचली अदालतें, अधिवक्ताओं के चैंबर और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा पार्किंग, कैंटीन और स्पोर्ट्स क्लब जैसी आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। मॉडल कोर्ट की अदालतें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स से लैस होंगी और ऑनलाइन सुनवाई के लिए नवीनतम तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। कार्यदायी संस्था को 18 माह के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने की समयसीमा तय की गई है।

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