डिजिटल डेस्क- कानपुर के मेहरबान सिंह पुरवा में रविवार को आयोजित पारंपरिक दंगल में ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने हजारों दर्शकों को रोमांच से भर दिया। स्वर्गीय चौधरी हरमोहन सिंह यादव की पुण्य स्मृति में आयोजित इस दंगल में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक खुद को रोक नहीं पाए और अचानक अखाड़े के बीच पहुंच गए। सफेद कुर्ता-पायजामा पहने जैसे ही वे मिट्टी से सजे अखाड़े में उतरे, पूरा मैदान तालियों और “भारत माता की जय” के नारों से गूंज उठा। यह दंगल सिर्फ कुश्ती का मुकाबला नहीं रहा, बल्कि लोक संस्कृति, राजनीति और खेल भावना का अद्भुत संगम बन गया। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने न केवल पहलवानों से हाथ मिलाकर उनका उत्साह बढ़ाया, बल्कि हाथ में माइक थामकर खुद कुश्ती का संचालन और कमेंट्री भी शुरू कर दी। उनके जोशीले शब्दों और दांव-पेंचों पर की गई बारीक टिप्पणियों ने दर्शकों में नया उत्साह भर दिया।
अखाड़े में मौजूद दर्शकों ने बढ़ाया हौसला
अखाड़े में दिल्ली के दिग्गज आशीष पहलवान और हरियाणा के ताकतवर जोंटी पहलवान के बीच मुकाबला होना था। उपमुख्यमंत्री ने दोनों पहलवानों का परिचय कराया, उनका हौसला बढ़ाया और निष्पक्ष खेल की अपील की। जैसे ही मुकाबला शुरू हुआ, डिप्टी सीएम की कमेंट्री ने दंगल का माहौल पूरी तरह बदल दिया। कभी वे दांव की तारीफ करते, तो कभी पहलवानों को और जोर लगाने के लिए प्रेरित करते नजर आए। हजारों की संख्या में मौजूद दर्शक हर दांव पर तालियां बजाते और नारे लगाते दिखे। इससे पहले उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने स्वर्गीय चौधरी हरमोहन सिंह यादव के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि चौधरी हरमोहन सिंह यादव ने हमेशा गांव, किसान और मिट्टी से जुड़े खेलों को बढ़ावा दिया। दंगल जैसी परंपराएं हमारी सांस्कृतिक विरासत हैं, जिन्हें जीवित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।
प्रदेश सरकार प्रतिभाओं को निखारने के लिए है प्रतिबद्ध- ब्रजेश पाठक
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश की धरती ने देश को कई महान पहलवान दिए हैं और राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है, ताकि आने वाले समय में प्रदेश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन हो। आशीष और जोंटी के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। दोनों पहलवानों ने एक-दूसरे को चित करने के लिए जबरदस्त दांव-पेंच दिखाए। कभी आशीष भारी पड़ते नजर आए, तो कभी जोंटी ने पलटवार किया। डिप्टी सीएम की मौजूदगी और उनके उत्साहवर्धक शब्दों ने अखाड़े में मानो बिजली भर दी।
अखाड़े में उतरे डिप्टी सीएम: कानपुर के दंगल में बृजेश पाठक ने खुद संभाली कमेंट्री, गूंजे ‘भारत माता की जय’ के नारे
डिजिटल डेस्क- कानपुर के मेहरबान सिंह पुरवा में रविवार को आयोजित पारंपरिक दंगल में ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने हजारों दर्शकों को रोमांच से भर दिया। स्वर्गीय चौधरी हरमोहन सिंह यादव की पुण्य स्मृति में आयोजित इस दंगल में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक खुद को रोक नहीं पाए और अचानक अखाड़े के बीच पहुंच गए। सफेद कुर्ता-पायजामा पहने जैसे ही वे मिट्टी से सजे अखाड़े में उतरे, पूरा मैदान तालियों और “भारत माता की जय” के नारों से गूंज उठा। यह दंगल सिर्फ कुश्ती का मुकाबला नहीं रहा, बल्कि लोक संस्कृति, राजनीति और खेल भावना का अद्भुत संगम बन गया। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने न केवल पहलवानों से हाथ मिलाकर उनका उत्साह बढ़ाया, बल्कि हाथ में माइक थामकर खुद कुश्ती का संचालन और कमेंट्री भी शुरू कर दी। उनके जोशीले शब्दों और दांव-पेंचों पर की गई बारीक टिप्पणियों ने दर्शकों में नया उत्साह भर दिया।
अखाड़े में मौजूद दर्शकों ने बढ़ाया हौसला
अखाड़े में दिल्ली के दिग्गज आशीष पहलवान और हरियाणा के ताकतवर जोंटी पहलवान के बीच मुकाबला होना था। उपमुख्यमंत्री ने दोनों पहलवानों का परिचय कराया, उनका हौसला बढ़ाया और निष्पक्ष खेल की अपील की। जैसे ही मुकाबला शुरू हुआ, डिप्टी सीएम की कमेंट्री ने दंगल का माहौल पूरी तरह बदल दिया। कभी वे दांव की तारीफ करते, तो कभी पहलवानों को और जोर लगाने के लिए प्रेरित करते नजर आए। हजारों की संख्या में मौजूद दर्शक हर दांव पर तालियां बजाते और नारे लगाते दिखे। इससे पहले उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने स्वर्गीय चौधरी हरमोहन सिंह यादव के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि चौधरी हरमोहन सिंह यादव ने हमेशा गांव, किसान और मिट्टी से जुड़े खेलों को बढ़ावा दिया। दंगल जैसी परंपराएं हमारी सांस्कृतिक विरासत हैं, जिन्हें जीवित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।
प्रदेश सरकार प्रतिभाओं को निखारने के लिए है प्रतिबद्ध- ब्रजेश पाठक
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश की धरती ने देश को कई महान पहलवान दिए हैं और राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है, ताकि आने वाले समय में प्रदेश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन हो। आशीष और जोंटी के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। दोनों पहलवानों ने एक-दूसरे को चित करने के लिए जबरदस्त दांव-पेंच दिखाए। कभी आशीष भारी पड़ते नजर आए, तो कभी जोंटी ने पलटवार किया। डिप्टी सीएम की मौजूदगी और उनके उत्साहवर्धक शब्दों ने अखाड़े में मानो बिजली भर दी।