कृषि विज्ञान कांग्रेस-2026 में बोले सीएम योगी—यूपी देश का अन्न भंडार, 11% जमीन पर हो रहा 21% खाद्यान्न उत्पादन

डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की कृषि क्षमता और विकास को लेकर बड़ा बयान दिया है। लखनऊ में आयोजित छठी उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस-2026 के शुभारंभ अवसर पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश न केवल देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है, बल्कि कृषि उत्पादन के मामले में भी देश की रीढ़ है। मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत की कुल आबादी का लगभग 16-17 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में निवास करता है। इसके साथ ही राज्य के पास देश की करीब 11 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि है, लेकिन इस सीमित भूमि पर उत्तर प्रदेश देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन का लगभग 21 प्रतिशत हिस्सा पैदा करता है। उन्होंने इसे राज्य के किसानों की मेहनत और वैज्ञानिकों के योगदान का परिणाम बताया।

नौ वर्षों की उपलब्धियों की किया जिक्र

योगी आदित्यनाथ ने पिछले नौ वर्षों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में कृषि विकास दर को 8 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत तक पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि यदि योजनाबद्ध तरीके से प्रयास किए जाएं तो कृषि क्षेत्र में असाधारण परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों और शोधार्थियों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए उनके योगदान की सराहना की। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने भारतीय इतिहास और साहित्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने प्रसिद्ध उपन्यास आनंदमठ का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें बंगाल के अकाल और उस समय की त्रासदी का मार्मिक चित्रण किया गया है। उन्होंने कहा कि उस दौर में लोगों को भुखमरी का सामना करना पड़ा और ब्रिटिश शासन के दौरान किसानों और आम जनता का भारी शोषण हुआ।

खेती और कारीगरी एक-दूसरे से जुड़ी हुई है- सीएम योगी

उन्होंने कहा कि भारत की कृषि परंपरा सिर्फ उत्पादन तक सीमित नहीं रही है। किसान न केवल अन्नदाता था, बल्कि वह कारीगर और उद्यमी भी था। खेती और कारीगरी एक-दूसरे से जुड़ी हुई थीं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होती थी। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन अर्थव्यवस्था में कृषि और कुटीर उद्योगों का अहम योगदान था। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि एक समय ऐसा था जब भारत का वैश्विक अर्थव्यवस्था में 44-45 प्रतिशत हिस्सा था और इसकी नींव कृषि और कारीगरों पर आधारित थी। लेकिन आक्रांताओं और औपनिवेशिक शासन ने न केवल कृषि व्यवस्था को कमजोर किया, बल्कि यहां की उद्यमिता को भी नुकसान पहुंचाया। इससे किसान कर्जदार होता चला गया और उसकी स्थिति कमजोर होती गई। योगी आदित्यनाथ ने किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और कृषि को लाभकारी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार ऐसी योजनाएं चला रही है, जिससे किसान आत्मनिर्भर बन सकें और कृषि को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में आगे बढ़ाया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *