डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के आखिरी दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन को संबोधित करते हुए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। अपने भाषण के दौरान उन्होंने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय पर चुटकी लेते हुए कहा कि वे बुजुर्ग और अनुभवी नेता हैं और वे चाहते हैं कि वे स्वस्थ रहें, लेकिन उन्हें शिवपाल सिंह यादव का “श्राप” न लगे। मुख्यमंत्री का यह बयान उस संदर्भ में देखा जा रहा है जब नेता प्रतिपक्ष ने हाल ही में बटुकों के मुद्दे को लेकर सरकार पर “महापाप” और “श्राप” जैसे शब्दों का प्रयोग किया था। सीएम योगी ने उसी पर पलटवार करते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में तंज कसा।
राज्य का कर्ज घटकर 23 प्रतिशत हुआ- सीएम योगी
बजट और वित्तीय स्थिति पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 मार्च को नया बजट पारित होने के बाद सभी विभाग अपनी-अपनी कार्ययोजना तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2016-17 में प्रदेश का राजकोषीय घाटा 4 प्रतिशत से अधिक था, जो अब घटकर लगभग 2 प्रतिशत से थोड़ा ज्यादा रह गया है। साथ ही राज्य के कर्ज को 27 प्रतिशत से घटाकर 23 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य रखा गया है। सीएम योगी ने कहा कि 2017 में सरकारी आय लगभग 43 हजार करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 1 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच चुकी है। उन्होंने दावा किया कि जो उत्तर प्रदेश कभी पिछड़े राज्यों में गिना जाता था, वह आज देश के टॉप तीन राज्यों में अपनी जगह बना चुका है।
2026-27 तक राज्य की जीडीपी 40 लाख के पार ले जाने का लक्ष्य
उन्होंने कहा, “भारत तब विकसित होगा जब राज्य विकसित होंगे, राज्य तब विकसित होगा जब जिले विकसित होंगे और जिले तब विकसित होंगे जब गांव विकसित होंगे।” मुख्यमंत्री ने 2026-27 तक प्रदेश की जीडीपी 40 लाख करोड़ रुपये के पार ले जाने का लक्ष्य भी दोहराया। समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान उत्तर प्रदेश की छवि इतनी खराब हो गई थी कि दूसरे राज्यों में यहां के लोगों को होटलों में कमरे तक नहीं मिलते थे। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई है, जिसके कारण प्रदेश की वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।