डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में एक पैसेंजर ट्रेन के भीतर टिकट चेकिंग के दौरान हुए हंगामे ने यात्रियों को दहला दिया। बैंगलौर जा रही ट्रेन में सफर कर रहे उत्तराखंड के नैनीताल जिले के लालकुआं निवासी युवक विजित मानोलिया ने कथित तौर पर नशे की हालत में टीटीई पर हमला कर दिया। जब एक अन्य यात्री ने बीच-बचाव की कोशिश की तो आरोपी ने उसका गला दबाने का प्रयास किया, जिससे कोच में अफरातफरी मच गई। रेलवे पुलिस के मुताबिक, युवक लालकुआं से बैंगलौर की यात्रा पर था। देर रात जब टीटीई ने नियमित जांच के दौरान टिकट दिखाने को कहा तो युवक ने टिकट दिखाने से इनकार कर दिया। आरोप है कि उसने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए अचानक टीटीई पर हमला बोल दिया। स्थिति तब और बिगड़ गई जब वह अपनी सीट छोड़कर दूसरे यात्री की सीट पर पहुंच गया और उसका गला दबाने लगा।
कोच में मौजूद यात्रियों ने आरोपी को किया काबू में
कोच में मौजूद यात्रियों ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को काबू में किया। ट्रेन स्टाफ और अन्य यात्रियों की मदद से उसे पकड़कर कोच के टॉयलेट के पास बैठा दिया गया, ताकि स्थिति नियंत्रित की जा सके। इस दौरान कंट्रोल रूम को सूचना दे दी गई। जैसे ही ट्रेन हाथरस सिटी रेलवे स्टेशन पर पहुंची, टीटीई और यात्रियों ने आरोपी को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के हवाले कर दिया। पूछताछ के दौरान भी युवक का व्यवहार आक्रामक बना रहा। आरोप है कि सवाल पूछे जाने पर उसने एक आरपीएफ कर्मी के गाल पर थप्पड़ मार दिया, जिससे मामला और गंभीर हो गया।
रेलवे एक्ट और अन्य धाराओं में मुकदमा किया पंजीकृत
आरपीएफ ने तुरंत युवक को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। उसके खिलाफ हाथरस सिटी आरपीएफ थाने में सरकारी कर्मचारी पर हमला, मारपीट, गलत तरीके से रोकना, अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल, धमकी देने और रेलवे एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी का जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया है, जिसमें उसके नशे में होने की पुष्टि के लिए जांच की गई। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरपीएफ और रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कर्मचारियों के साथ मारपीट या दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।