डिजिटल डेस्क- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज कर दी। उन्होंने राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्रियों केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक को मुख्यमंत्री पद का खुला ऑफर देते हुए कहा, “दोनों में से कोई भी 100 विधायक लेकर आए और मुख्यमंत्री बन जाए। इससे बेहतर ऑफर उन्हें कहीं नहीं मिलेगा।” अखिलेश यादव इससे पहले भी कई बार केशव प्रसाद मौर्य को मुख्यमंत्री बनने की चुनौती दे चुके हैं, लेकिन इस बार उन्होंने ब्रजेश पाठक का नाम लेकर सियासी संदेश और स्पष्ट कर दिया। उनके इस बयान को भाजपा के अंदरूनी समीकरणों पर निशाना साधने के तौर पर देखा जा रहा है।
शंकराचार्य प्रकरण पर सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने शंकराचार्य से जुड़े विवाद को लेकर भी राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “बताइए, शंकराचार्य जी के साथ क्या व्यवहार हो रहा है? हमारी सनातन परंपरा में किसी शंकराचार्य को गंगा स्नान से रोका नहीं गया, लेकिन अब ऐसा हो रहा है।” उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक परंपराओं का सम्मान करने का दावा करने वाली सरकार ही संत समाज के साथ अपमानजनक व्यवहार कर रही है। अखिलेश ने कहा कि जब शिखा पकड़कर अपमानित किया जा रहा था, तब सरकार के लोग कहां थे? उन्होंने 20 साल पुरानी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि संतों के सम्मान पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने रामभद्राचार्य से जुड़े एक पुराने मामले का भी उल्लेख किया और कहा कि अगर कोई व्यक्ति शंकराचार्य का अपमान करता है तो यह अस्वीकार्य है। अखिलेश ने कहा, “हमने पहले 420 का मुकदमा वापस लिया था, लेकिन अब लगता है कि सख्ती बरतनी चाहिए थी।”
जनता ने अस्वीकार कर दिया है अब चुनाव का इंतजार है- अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने दावा किया कि जनता ने सरकार को अस्वीकार कर दिया है और अब सिर्फ चुनाव का इंतजार है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे जनता की समस्याएं बढ़ रही हैं, वैसे-वैसे PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) गठबंधन मजबूत हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री की जापान यात्रा, एआई समिट और विकास परियोजनाओं पर भी सवाल उठाए। अखिलेश का आरोप है कि सरकार बड़े-बड़े दावे तो करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार और बेरोजगारी बढ़ रही है।