सोनभद्र के लोढ़ी टोल प्लाजा पर बवाल, महिला वकील और परिजनों से मारपीट, वीडियो वायरल होते ही दो टोल कर्मी हिरासत में

डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में महिला अधिवक्ता और उनके परिजनों के साथ हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के लोढ़ी टोल प्लाजा का है, जहां रविवार दोपहर हुई घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया था। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रामजी तिवारी, निवासी हमीरपुर और सर्वेश यादव, निवासी अंबेडकरनगर के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों को सोमवार को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।

परिवार संग रॉबर्ट्सगंज जा रही थी महिला अधिवक्ता

पीड़ित महिला अधिवक्ता आरती पाण्डेय ने अपनी तहरीर में बताया कि रविवार दोपहर करीब तीन बजे वह अपने परिजनों के साथ कार से ओबरा से रॉबर्ट्सगंज की ओर जा रही थीं। जब उनका वाहन लोढ़ी टोल प्लाजा पहुंचा, तो तकनीकी कारणों से आगे चल रहे वाहन का मैसेज न मिलने के चलते लेन संख्या तीन में कुछ देर के लिए वाहन फंस गए, जिससे यातायात बाधित हो गया। इसी बात को लेकर टोल कर्मियों और वाहन सवारों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो कुछ ही देर में विवाद और मारपीट में बदल गई। आरोप है कि टोल कर्मियों ने गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से अधिवक्ता के परिजनों के साथ मारपीट की। जब अधिवक्ता आरती पाण्डेय बीच-बचाव करने पहुंचीं, तो उनके साथ भी अभद्रता की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।

टोलकर्मियों की मारपीट से एक की हालत गंभीर

घटना में कई लोग घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए जिला मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, एक घायल की हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं, टोल प्लाजा पर हो रहे इस पूरे विवाद का वीडियो वहां मौजूद राहगीरों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो कुछ ही समय में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद अधिवक्ता समुदाय में भारी आक्रोश फैल गया। वकीलों ने दोषी टोल कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की थी। पीड़िता की तहरीर के आधार पर रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य 7 से 8 टोल कर्मियों की पहचान की जा रही है। उनकी भूमिका की जांच के बाद जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *