कानपुर सेंट्रल को बम से उड़ाने की धमकी से हड़कंप, व्यापक तलाशी के बाद युवक हिरासत में

डिजिटल डेस्क- कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से शुक्रवार शाम शहर में हड़कंप मच गया। कमिश्नरी पुलिस के कंट्रोल रूम पर सूचना आई कि “शाम सात बजे कानपुर सेंट्रल स्टेशन को बम से उड़ा दिया जाएगा, सब कुछ खत्म हो जाएगा।” संदेश मिलते ही पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड तत्काल हरकत में आ गए और स्टेशन परिसर की सघन तलाशी शुरू कर दी गई।

हर कोने की जांच, यात्रियों को सतर्क रहने की अपील

सूचना के बाद स्टेशन के प्लेटफॉर्म, फुट ओवरब्रिज, वेटिंग एरिया, यात्री विश्राम कक्ष और टिकट काउंटर सहित पूरे परिसर को घेरकर तलाशी ली गई। संदिग्ध वस्तुओं की तलाश में बम निरोधक दस्ते ने तकनीकी उपकरणों के साथ चेकिंग की, जबकि डॉग स्क्वॉड ने प्लेटफॉर्म और सार्वजनिक क्षेत्रों में सूंघकर जांच की। यात्रियों और आसपास मौजूद लोगों से अपील की गई कि किसी भी लावारिस या संदिग्ध वस्तु को न छुएं और किसी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना सुरक्षा कर्मियों को दें। जांच के दौरान ट्रेनों की आवाजाही सामान्य रही, लेकिन सुरक्षा घेरा कड़ा रखा गया।

डीसीपी पूर्वी ने दी जानकारी

डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि सूचना मिलते ही एलआईयू और खुफिया इकाइयों को भी अलर्ट कर दिया गया था। “पूरे स्टेशन परिसर की सघन जांच की गई। फिलहाल कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। एक युवक को हिरासत में लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है,” उन्होंने कहा। सूत्रों के मुताबिक, कॉल करने वाले युवक की पहचान कर उसे हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में उसने 24 फरवरी को अपना मोबाइल चोरी होने की बात कही है। पुलिस इस दावे की सत्यता की जांच कर रही है और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाले जा रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि धमकी किसने और किन परिस्थितियों में दी।

सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता

घटना के बाद रेलवे प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से सुरक्षा समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे मामलों में हर सूचना को गंभीरता से लिया जाता है, भले ही बाद में वह फर्जी साबित हो। स्टेशन जैसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थान पर जरा सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। आरपीएफ ने संदिग्ध कॉल के स्रोत और संभावित मकसद की जांच तेज कर दी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कहीं यह शरारत या किसी तरह का ध्यान भटकाने का प्रयास तो नहीं था।

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