संगठन की अहम बैठक में नहीं पहुंचे सीएम योगी:BJP कार्यालय में योगी की गैरमौजूदगी रहा चर्चा का विषय; केशव ने कहा था- सरकार से संगठन बड़ा

उत्तर प्रदेश भाजपा संगठन और सरकार के बीच की दूरी की चर्चा अब राजनीतिक गलियारे में बढ़ गई है। भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री की तैनाती के बाद आयोजित की गईं, 2 बैठकों में सीएम योगी आदित्यनाथ शामिल नहीं हुए। पहली बैठक गाजियाबाद में हुई, जबकि दूसरी बैठक मंगलवार को लखनऊ में की गई। इसमें अवध, काशी, कानपुर और गोरखपुर क्षेत्र के प्रदेश व क्षेत्र पदाधिकारी शामिल हुए।
लखनऊ बैठक से पहले प्रदेश संगठन के महामंत्री धर्मपाल सिंह ने सीएम योगी आदित्यनाथ से सरकारी आवास पर मंगलवार सुबह ही मुलाकात की। संगठन की बैठक में दोनों डिप्टी सीएम, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समेत सभी पदाधिकारी मौजूद रहे। मगर सीएम योगी नहीं पहुंचे।

संगठन महामंत्री धर्मपाल की राजधानी लखनऊ के भाजपा मुख्यालय पर पहली बैठक थी ऐसे में सत्ताधारी पार्टी के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के न पहुंचने पर राजनैतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ जहां भाजपा में ही योगी के न पहुंचने पर तरह-तरह की बातें हो रही है वहीं विपक्ष भी अब संगठन और सरकार के बीच सब कुछ ठीक नहीं है होने का आरोप लगाने लगी है। भाजपा सूत्रों का दावा है कि प्रदेश अध्यक्ष को लेकर संगठन और सरकार के बीच यह तल्ख़ियां पार्टी का नुकसान करेंगी जबकि बैठक के दौरान मौजूद सभा सभी पदाधिकारियों ने कहा कि सब कुछ ठीक है और पार्टी 2024 लोकसभा चुनाव में 80 सभी सीटें जीतेगी। अब प्रश्न उठता है कि जब सब कुछ ठीक है संगठन और सरकार के बीच तो आखिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नवनियुक्त संगठन महामंत्री धर्मपाल की पहली बैठक गाजियाबाद मैं न जाने का कारण और भाजपा मुख्यालय पर आयोजित संगठन की दूसरी बैठक और भाजपा मुख्यालय पर पहली बैठक में मुख्यमंत्री क्यों नहीं पहुंचे जबकि मुख्यमंत्री राजधानी लखनऊ में मौजूद थे और भाजपा मुख्यालय से सीएम आवास की दूरी भी बहुत कम है ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संगठन की बैठक में ना पहुंचने से कयासों का बाजार गर्म है तरह-तरह की बातें हो रही है लोग कह रहे हैं कि संगठन महामंत्री नियुक्त हो गया है लेकिन भाजपा के नए अध्यक्ष को लेकर संगठन और सरकार के बीच सब कुछ ठीक नहीं है।

पहली बार सीएम रहे हैं गैरमौजूद
बीजेपी के बड़े पदाधिकारी कहते हैं कि ऐसा पहली बार हुआ है, जब संगठन महामंत्री की नियुक्ति के बाद तत्कालीन सीएम संगठन की बैठक में नहीं पहुंचे हैं। अब भाजपा के एक धड़े में ये चर्चा भी है कि सीएम योगी को इस बैठक में बुलाया गया था या नहीं।

मंगलवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से भाजपा संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने मुलाकात की थी।

केशव के बाद राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने 21 अगस्त को बड़ा बयान जारी किया था। कहा, “सरकार से संगठन बड़ा है!” इससे पहले 17 अगस्त को केशव ने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। उसके बाद से उनके सुर बदले-बदले दिख रहे हैं। केशव सरकार से ज्यादा संगठन की बात करते हुए नजर आ रहे हैं।

 

बीते 17 अगस्त को गाजियाबाद में ब्रज और पश्चिमी क्षेत्र के पदाधिकारीयों की बैठक अयोजित हुई थी।

सुनील बंसल ने संगठन को बताया मुख्य केंद्र
भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री से राष्ट्रीय महासचिव बनाए गए सुनील बंसल ने मंगलवार की बैठक में कहा, “संगठन के विकास के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में भाजपा ने मजबूत स्थान बनाया है। धर्मपाल उत्तर प्रदेश में बहुत लंबे समय तक काम कर चुके हैं। बदलाव नेचुरल है। जिम्मेदारियों का मिलना, बदलना स्वाभाविक है। ये संगठन की अच्छी परंपरा भी है। व्यक्ति के बदलने के बाद भी विचार के लिए काम करना, हमें पहले से सिखाया गया है।”
केशव बोले- 80 सीटों पर भाजपा की जीत होगी
डिप्टी सीएम केशव ने कहा, “2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी प्रदेश में सभी 80 लोकसभा सीटों पर विजयी होगी। राज्य के संगठन महामंत्री धर्मपाल भी संगठन की जिम्मेदारियों को पूरा करते हुए इस राज्य को अच्छी तरह से जानते हैं। उनके अनुभव का फायदा लोकसभा के चुनाव में पार्टी को मिले