रायबरेली: प्रोबेशन अधिकारी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बताया निराधार

रायबरेली:जनपद में सरकारी कार्यालयो में चल रहे भृष्टाचार का एक सनसनी खेज मामला सामने आया है। जिस कार्यालय को गरीब व पीड़ितों की मदद के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई है वही के अधिकारी व कर्मचारी पीड़ितों की मदद के लिए आये धन को डकारने में जरा भी चूक नही कर रहे है।बताते चले कि जिले के गदागंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती के साथ उसके चचेरे भाई ने दुष्कर्म किया था।जिसपर पुलिस ने कार्यवाही कर आरोपी को जेल भेज दिया था लम्बे समय तक पीड़िता ने रानी लक्ष्मी बाई सम्मान योजना के लिए कोई आवेदन नही किया।इसका फायदा जिला प्रोबेशन कार्यालय में तैनात बाबू व अधिकारी ने उठाया।हाल ही में अपनी बेटी की शादी के अनुदान के लिए शहर की एक महिला ने आवेदन किया।तो कार्यालय में तैनात बाबू ने शादी के अनुदान लिए आई युवती का फोटो व दुष्कर्म पीड़िता के घर का नाम व पता लेकर किसी तीसरे व्यक्ति का आधार बनवाकर शहर की एक बैंक में खाता खुलवाया।खाते में दुष्कर्म पीड़िता के लिए रानी लक्ष्मी बाई सम्मान योजना के तहत 3 लाख रुपये आते ही।एटीएम से कई बार मे लाखो रुपये निकाल लिए गए।वही रुपये आने का मैसेज शादी के अनुदान के लिए आई युवती के मोबाइल पर आते ही उसने जिला प्रोबेशन अधिकारी व बाबू से रुपये दिलाने के लिए गुहार लगाई लेकिन किसी ने उसकी मदद नही की तो उसने इसकी शिकायत सीओ सिटी से की।जिसपर मामले की जांच कराई गई और जिला प्रोबेशन अधिकारी व बाबू के ऊपर एफआईआर दर्ज कराई गई।फिलहाल मामले की जांच सीओ व अतिरिक्त मजिस्ट्रेट कर रहे है।बताते चले कि शहर के सत्यनगर निवासी रेनू ने अपनी बेटी के शादी के अनुदान के लिए जिला प्रोबेशन कार्यालय में तैनात बाबू राजेश श्रीवास्तव से बात की और प्रार्थना पत्र दिया।प्रार्थना पत्र के मिलते ही बाबू ने युवती के फोटो व 3 साल पहले गदागंज थाना क्षेत्र में हुए दुष्कर्म मामले की पीड़िता के नाम व पते पर एक फर्जी आधार कार्ड बनवाया और डिग्री कालेज चौराहे पर स्थित एक बैंक में खाता खुलवाया।दुष्कर्म पीड़िता को प्रोत्साहित करने के लिए शासन द्वारा चलाई जा रही रानी लक्ष्मी बाई सम्मान योजना के तहत आवेदन कर दिया।जिसपर अक्टूबर में खाते में शासन की ओर से तीन लाख रुपये आये।इसका मैसेज शादी के अनुदान के लिए आई रेनू के मोबाइल पर आया तो उसने जिला प्रोबेशन कार्यालय पहुचकर अनुदान दिलाने की गुहार लगाई।लेकिन किसी ने भी उसकी मदद नही की।इसी बीच नवम्बर माह में एटीएम के माध्यम से खाते से 10 व 20 हजार करके लाखो रुपये निकाल लिए गए।जिसपर रेनू ने इसकी शिकायत सीओ सिटी से की।मामले की गंभीरता देखते हुए सीओ ने बैंक जाकर इसकी जांच की तो फर्जीवाड़े का पता चला।रेनू की तहरीर पर सदर कोतवाली में तत्काल जिला प्रोबेशन अधिकारी जयपाल वर्मा व बाबू राजेश श्रीवास्तव के नाम पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच सीओ सिटी व अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने शुरू कर दी।

सीओ सिटी वंदना सिंह ने बताया की जिला प्रोबेशन कार्यालय के द्वारा अनुदान की राशि मे फर्जीवाड़े की शिकायत आई थी।मामले में पीड़िता की तहरीर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी व बाबू के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है और जांच की जा रही है।वही पूरे मामले पर जिला प्रोबेशन अधिकारी जयपाल वर्मा ने पूरे मामले में संविदा कर्मी की संलिप्तता बताते हुए अपने को पाक साफ बताया साथ ही कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है।जल्द ही सब दूध का दूध व पानी का पानी हो जाएगा।