KNEWS DESK- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वामी विवेकानंद ने अमेरिका में विश्व धर्म संसद के माध्यम से विश्व को भारत की मूल चेतना से परिचय कराया। हमारे युवा भी स्वामी विवेकानंद के समान दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया का सबसे युवा देश के रूप में निरन्तर आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश में भी तेज गति से युवा शक्ति का विकास हो रहा है। हमारे सामने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री निवास में युवाओं से संवाद कर रहे थे।
इस वर्ष नई दिल्ली में मध्यप्रदेश के 47 युवा, विकसित भारत यंग लीडर संवाद कार्यक्रम और 29 युवाओं का दल राष्ट्रीय युवा उत्सव में सहभागिता करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से संवाद के लिये ये युवा मुख्यमंत्री निवास पधारे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में वंदे-मातरम् के सामूहिक गान के साथ कार्यक्रम आरंभ हुआ। साक्षी पटेरिया ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम में अंशिका मिश्रा ने गीता उपदेश के माध्यम से युवाओं को संदेश दिया। युवा संवाद कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग एवं खेल संचालक राकेश गुप्ता भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से कार्यक्रम में युवाओं ने अनेक विषयों से जुड़े प्रश्न पूछे, जिस पर मुख्यमंत्री ने बड़ी सहजता के साथ उनकी जिज्ञासा का समाधान किया। ग्वालियर के सोमेश द्वारा यह जानना चाहा गया कि एक सटीक भाषण में कौन-कौन से अवयव होने चाहिए। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीवन में स्वाध्याय करते हुए ज्ञान अर्जन करेंगे तो भाषण की गुणवत्ता स्वत: बढ़ जाएगी। कक्षा में पढ़ाई तो आवश्यक है, लेकिन कक्षा और पाठ्यक्रम के अतिरिक्त भी बहुत कुछ सीखना-समझना होगा। अनूपपुर के प्रियांशु ने पूछा कि राज्य सरकार प्राकृतिक खेती को जन आंदोलन बनाने के लिए क्या प्रयास कर रही है, क्या इसमें स्टार्ट-अप की कोई संभावनाएं हैं। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब हमारे युवाओं का व्यवसाय के साथ खेती और खासतौर से प्राकृतिक खेती की ओर जुड़ाव भी रूझान दिख रहा हैं, यह प्रशंसनीय है। राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को कृषि कल्याण वर्ष घोषित किया है। प्राकृतिक खेती को बढ़ाने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। देश में सबसे आदर्श खेती मध्यप्रदेश में होती है। राज्य में सभी प्रकार के मोटे अनाज (श्रीअन्न) की अच्छी उत्पादकता है। प्राकृतिक खेती के लिए देशी खाद भी जरूरी है। इसके लिए गोपालन और दूध उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य में देशी गोपालन को बढ़ावा दिया जा रहा हैं। ब्राजील जैसा छोटा देश गोपालन के माध्यम से आगे बढ़ने का बड़ा उदाहरण है। इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “उपकार” फिल्म का उल्लेख करते हुए जय जवान-जय किसान के माध्यम से किसानों की महत्ता के बारे में भी युवाओं से चर्चा की।