मध्य प्रदेशः खरगोन में पक्षियों की रहस्यमयी मौत से हड़कंप, 250 से ज्यादा तोते, कबूतर और गौरैया मृत, फूड प्वाइजनिंग की आशंका

डिजिटल डेस्क- मध्य प्रदेश के खरगोन जिले से एक चौंकाने वाली और चिंताजनक खबर सामने आई है। बड़वाह वन मंडल क्षेत्र के नावघाट खेड़ी के समीप 250 से अधिक पक्षी मृत पाए गए हैं। मरने वालों में तोते, कबूतर, डायमंड डव और गौरैया शामिल हैं। बड़ी संख्या में पक्षियों की एक साथ मौत से वन विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक जांच में पशु चिकित्सकों ने फूड प्वाइजनिंग की आशंका जताई है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम और लैब रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। पूर्व वाइल्डलाइफ वार्डन टोनी शर्मा ने बताया कि सोमवार को नावघाट खेड़ी के पास एक्वा डक्ट पुल के नीचे सबसे पहले मृत पक्षी दिखाई दिए थे। शुरुआत में करीब 25 तोते मृत मिले थे, लेकिन जब आसपास के इलाके की तलाशी ली गई तो यह संख्या बढ़कर लगभग 80 तक नजर आई। इसके बाद अन्य स्थानों पर भी मृत पक्षी मिलने की सूचना सामने आई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि मामला कहीं अधिक गंभीर है।

तोते के अलावा अन्य पक्षियों की भी मौत

टोनी शर्मा के अनुसार, केवल तोते ही नहीं बल्कि कबूतर, डायमंड डव और गौरैया के भी मृत मिलने की जानकारी मिली है। उन्होंने स्पष्ट रूप से ठंड या किसी संक्रामक बीमारी से पक्षियों की मौत की संभावना से इनकार किया है। उनका कहना है कि जिस तरह अलग-अलग प्रजातियों के पक्षी एक साथ मरे हैं, उससे फूड प्वाइजनिंग की आशंका और भी मजबूत होती है। वन विभाग के रेंजर निशांत दोषी ने बताया कि उन्हें भी इस घटना की सूचना मिली है और विभाग पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। वन विभाग की टीम ने इलाके को चिन्हित कर लिया है और आसपास के ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

सभी पक्षियों का किया गया पोस्टमार्टम

पशु चिकित्सकों ने मृत पक्षियों का पोस्टमार्टम किया है। प्राथमिक जांच में फूड प्वाइजनिंग के संकेत मिले हैं, हालांकि अभी अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। पशु चिकित्सक के मुताबिक, पक्षियों के विसरा को सुरक्षित कर जांच के लिए जबलपुर और भोपाल की प्रयोगशालाओं में भेजा जा रहा है। इन जांच रिपोर्ट्स से यह साफ हो सकेगा कि किसी जहरीले पदार्थ, कीटनाशक या अन्य रसायन के सेवन से यह मौतें हुई हैं या नहीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *