डिजिटल डेस्क- मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में शनिवार देर रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। बैहर-मलाजखंड रोड पर केवलारी चौराहे के पास एक चलती अल्टो कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नाली में जा गिरी और देखते ही देखते आग की लपटों में घिर गई। आग इतनी भयावह थी कि कार सवार लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिल पाया। इस हादसे में ससुर, बहू और तीन साल के मासूम बच्चे की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई, जबकि अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। जानकारी के अनुसार, परसवाड़ा क्षेत्र के ग्राम पोंडी निवासी सितम केलकर अपने परिवार के साथ कार से लौट रहे थे। कार में उनकी पत्नी सविता, तीन वर्षीय पुत्र अभि, माता नानीबाई, पिता नगारची केलकर और पड़ोस की 8 वर्षीय बच्ची पूर्वी राहांगडाले सवार थे। परिवार गांव में तीन दिन बिताने के बाद पौनी लौट रहा था, जहां सितम की वेल्डिंग की दुकान है।
अनियंत्रित होकर घुसी नाली में
बताया जा रहा है कि रात करीब 11:30 बजे जैसे ही कार केवलारी चौराहे के पास पहुंची, वह अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क से नीचे उतरकर नाली में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार में तुरंत आग लग गई। आशंका जताई जा रही है कि चालक को नींद की झपकी आने के कारण यह हादसा हुआ। हादसे के बाद मौके पर मौजूद राहगीरों ने साहस और तत्परता दिखाते हुए बचाव कार्य शुरू किया। उन्होंने कार के शीशे तोड़कर सबसे पहले 8 वर्षीय बच्ची पूर्वी को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद गंभीर रूप से झुलसे सितम केलकर और उनकी मां नानीबाई को भी किसी तरह बाहर निकाल लिया गया।
देखते ही देखते जिंदा जले तीनों
हालांकि, कार के पिछले हिस्से में फंसे नगारची केलकर, उनकी बहू सविता और मासूम अभि को बचाया नहीं जा सका। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही पलों में तीनों जिंदा जल गए और मौके पर मौजूद लोग बेबस होकर यह भयावह दृश्य देखते रह गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।