बारिश से जन जीवन बुरी तरह से अस्त व्यवस्त

 Knews Desk, देवभूमि उत्तराखंड में मानसून की बारिश अब आफत की बारिश बन गई है। पिछले तीन-चार दिनों से लगातार हो रही बारिश से जन जीवन बुरी तरह से अस्त व्यवस्त हो गया है। आलम ये है कि हजारों लोग बाढ़ में फंसे है, तो कई हजार लोग बेघर हो चुके है। कई लोगों ने अपनों को खोया है तो कई अपनों के इंतजार में बैठे हैं। इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई और स्थलीय निरीक्षण किया है। उन्होने अधिकारियों को आपदा प्रभावितों तक हर संभव मदद पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। इस बीच प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में हुई बारिश ने सरकार की तैयारियों की पोल खोल दी है। देहरादून समेत अन्य क्षेत्रों में बारिश के बाद सड़कों पर बाढ़ सा नजारा देखने को मिला..जिसकी वजह से लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इस बीच विपक्ष ने आपदा प्रबंधन को लेकर सरकार पर हमला तेज कर दिया है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने समय रहते कोई तैयारी नहीं की जिसकी वजह से मानसून की शुरूआत बारिश में ही इस तरह की भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस ने राजधानी देहरादून की सड़कों के नदियों में तब्दील होने पर स्मार्ट सिटी के कार्यों पर सवाल उठाएं है। इसके साथ ही कांग्रेस ने सरकार से आपदा प्रभावितों को दोगुना मुआवजा दिए जाने की भी मांग की है। सवाल ये है कि आखिर समय रहते सरकार ने तैयारी क्यों नहीं की

 

मानसून की बारिश ने उत्तराखंड में भारी नुकसान पहुंचाया है। जगह जगह सड़कें बंद होने के साथ ही हवाई और रेल यातायात पर इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा है। जानकारी के मुताबिक 200 से अधिक सड़के अवरुद्ध है तो वहीं कई हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। मानसून की इस बारिश कुमाऊं को भारी नुकसान पहुंचाया है। वहीं राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुमाऊं के आपदा ग्रस्त क्षेत्रों का स्थलीय और हवाई निरीक्षण किया। सीएम धामी ने टनकपुर, बनबसा और खटीमा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण साथ ही आपदा प्रभावितों को हर संभव मदद का भरोसा दिया। वहीं कांग्रेस ने आपदा प्रभावितों को दोगुना मुआवजा राशि दिए जाने की मांग की है।

आपको बता दें कि भारी बारिश के चलते राज्य की 200 से अधिक सड़कें अवरूद्ध चल रही है। जिन्हें खोलने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। इस बीच निचले इलाकों में हो रही बारिश की वजह से सड़कें नदियों में तब्दील हो गई है। राजधानी देहरादून में स्मार्ट सिटी के कार्यों के बावजूद स्थिति काफी विकट होती हुई नजर आई..सड़कें पूरी तरह से जलमग्न नजर आई….जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा….वहीं शहरी विकास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने अधिकारियों को तलब कर स्थिति का जायजा. उनका कहना है कि ज्यादा बारिश की वजह से जलभराव की समस्या देखने को मिली है।

 कुल मिलाकर मानसून की बारिश आफत की बारिश बनती हुई नजर आ रही है। आफत की बारिश से जन जीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है। वहीं अब इस मुद्दे पर सियासत भी गरमा गई है। सवाल ये है कि आखिर क्यों समय रहते सरकार ने तैयारी नहीं की । सवाल ये भी है कि आखिर स्मार्ट सिटी में करोड़ों खर्च के बाद भी क्या सुविधा मिली, आखिर क्यों समय रहते नदी नालों की सफाई नहीं की गई।

उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट

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