9 करोड़ के चेक बाउंस केस में राजपाल यादव तिहाड़ जेल में बंद, जेल नंबर-2 में आम कैदी की तरह गुजर रहे दिन

डिजिटल डेस्क- बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन और एक्टर राजपाल यादव इन दिनों अपनी फिल्मों या कॉमिक टाइमिंग नहीं, बल्कि तिहाड़ जेल में बिताए जा रहे समय को लेकर सुर्खियों में हैं। 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद उन्होंने हाल ही में सरेंडर किया, जिसके बाद उन्हें तिहाड़ जेल भेज दिया गया। सूत्रों के मुताबिक, राजपाल यादव को जेल नंबर-2 में रखा गया है और उन्हें किसी तरह की वीआईपी सुविधा नहीं दी जा रही है। बताया जा रहा है कि वे उसी बैरक में हैं, जहां पहले कुख्यात अपराधियों को रखा गया था। हालांकि, जेल प्रशासन का कहना है कि सभी कैदियों के साथ नियमों के मुताबिक समान व्यवहार किया जाता है।

कैसे गुजर रहे हैं दिन-रात?

तिहाड़ जेल एशिया की सबसे बड़ी जेलों में गिनी जाती है और यहां का अनुशासन काफी सख्त है। सूत्रों के अनुसार, राजपाल यादव को भी आम कैदी की तरह ही जेल मैनुअल का पालन करना पड़ रहा है। सुबह करीब 6 बजे बैरक से बाहर निकलने की अनुमति मिलती है। इसके बाद तय प्रक्रिया के अनुसार हाजिरी, साफ-सफाई और दैनिक गतिविधियां होती हैं। नाश्ते में चाय और सामान्य भोजन दिया जाता है, जबकि दोपहर और रात के खाने में दाल, सब्जी, रोटी और चावल जैसी सामान्य जेल थाली मिलती है। शाम 6 बजे के आसपास रात का खाना परोसा जाता है। दिन का अधिकांश समय बैरक में ही बीतता है और वे कानूनी प्रक्रिया पर ध्यान दे रहे हैं।

मिलने को उत्सुक कैदी, लेकिन सख्त सुरक्षा

हाई सिक्योरिटी वार्ड में रखे जाने के कारण अन्य कैदियों की पहुंच सीमित है। बताया जाता है कि कई कैदी उनसे मिलने के इच्छुक हैं, लेकिन सुरक्षा कारणों से किसी को पास आने की अनुमति नहीं दी जा रही। यह मामला साल 2010 से जुड़ा है। राजपाल यादव ने अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए एक कंपनी से करीब 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था। फिल्म के फ्लॉप होने के बाद वे कर्ज चुकाने में असमर्थ रहे। ब्याज और पेनल्टी जुड़ने के बाद यह राशि करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *