राष्ट्रीय युवा दिवस से पहले दिल्ली में ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’, NSA प्रमुख अजित डोभाल ने युवाओं को दिया प्रेरक संदेश

डिजिटल डेस्क- राष्ट्रीय युवा दिवस से पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ का आयोजन किया गया। इस खास कार्यक्रम में देश की कई बड़ी हस्तियों ने शिरकत की। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल भी मौजूद रहे और उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए अपने जीवन अनुभव, इतिहास और भविष्य की दिशा को लेकर अहम बातें साझा कीं। अपने संबोधन की शुरुआत में अजित डोभाल ने कहा कि उनका कार्यक्षेत्र अलग है और युवाओं के साथ उम्र का बड़ा अंतर है। उन्होंने कहा कि यहां मौजूद अधिकांश युवा उनसे 60 साल से भी अधिक छोटे हैं, इसलिए वे दुविधा में थे कि कार्यक्रम में आएं या नहीं। उन्होंने बताया कि उनका जन्म आज़ाद भारत में नहीं, बल्कि आज़ादी से पहले के भारत में हुआ था और तब से लेकर अब तक देश और समाज का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है। इसके बावजूद एक बात आज भी उतनी ही प्रासंगिक है किसी व्यक्ति की फैसले लेने की क्षमता।

भारत का विकसित होना तय- अजित डोभाल

NSA डोभाल ने कहा कि हर व्यक्ति हर दिन छोटे-बड़े कई फैसले लेता है और यही फैसले उसकी जिंदगी की दिशा तय करते हैं। उन्होंने युवाओं को भरोसा दिलाते हुए कहा कि भारत का विकसित होना तय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ऐसी दिशा में आगे बढ़ चुका है कि अगर यह ऑटोपायलट मोड में भी चले, तो भी विकसित भारत बन जाएगा। अपने भाषण में उन्होंने युवाओं को इतिहास की याद भी दिलाई। उन्होंने कहा कि आज का भारत वैसा नहीं है, जैसा आज़ादी से पहले था। हमारे पूर्वजों ने देश के लिए अपमान सहे, बलिदान दिए और कई वीरों को फांसी तक चढ़ना पड़ा। भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस और महात्मा गांधी जैसे महान व्यक्तित्वों के संघर्ष का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अनगिनत लोगों ने अपनी जान गंवाई। हमारे मंदिर तोड़े गए, गांव लूटे गए और सभ्यता को कुचलने की कोशिश की गई, जबकि हम लंबे समय तक मूक दर्शक बने रहे।

हमने न किसी के मंदिर तोड़े, न ही किसी को लूटा- अजित डोभाल

अजित डोभाल ने कहा कि इतिहास हमें चुनौती देता है और आज के युवाओं में उस चुनौती का जवाब देने की क्षमता और आग है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बदला लेना सही शब्द नहीं है, लेकिन अपने मूल्यों के आधार पर एक महान भारत का पुनर्निर्माण करना ही सच्चा जवाब है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय सभ्यता कभी आक्रामक नहीं रही हमने न किसी के मंदिर तोड़े, न दूसरों को लूटा और न ही दूसरे देशों पर हमला किया। लेकिन हम समय रहते खतरों को समझ नहीं पाए और इसकी कीमत चुकानी पड़ी। युवाओं को खास संदेश देते हुए NSA डोभाल ने कहा कि नए साल की शुरुआत में सभी लोग संकल्प लेते हैं सोशल मीडिया कम चलाने, पढ़ाई करने, जिम जाने जैसे वादे खुद से करते हैं। कुछ लोग इन पर टिके रहते हैं, कुछ नहीं। उन्होंने कहा कि सही और दूरदर्शी फैसले लेना जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है अपने फैसले को सही बनाना। इसके लिए अनुशासन सबसे अहम है।

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