‘दिल्ली के विकास और जनकल्याण का ब्लूप्रिंट’ तैयार, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पेश किया 1.03 लाख करोड़ का बजट, महिलाओं-युवाओं पर खास फोकस

शिव शंकर सविता- रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1,03,700 करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी बजट पेश किया है। यह बजट पिछले साल की तुलना में करीब 3.7 प्रतिशत अधिक है और राजधानी के समग्र विकास के साथ-साथ जनकल्याण को प्राथमिकता देता है। सरकार ने इस बजट को “समावेशी विकास” का रोडमैप बताया है, जिसमें हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार की गई हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा पर बड़ा निवेश

दिल्ली को और सुरक्षित और स्मार्ट बनाने के लिए सरकार ने 50,000 नए सीसीटीवी कैमरे लगाने का ऐलान किया है। इसके लिए 225 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह कदम न केवल अपराध नियंत्रण में मदद करेगा, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा को भी मजबूती देगा।

महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर

इस बजट की सबसे बड़ी खासियत महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की योजनाएं हैं। सरकार ने महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये देने के लिए 5110 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके अलावा होली और दिवाली पर मुफ्त गैस सिलेंडर देने के लिए 260 करोड़ रुपये रखे गए हैं। महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा योजना को जारी रखते हुए 450 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही, 1000 महिलाओं को ई-ऑटो परमिट देने का फैसला लिया गया है, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने का मौका मिलेगा। 100 परमिट ट्रांसजेंडर समुदाय को भी दिए जाएंगे, जो समावेशी विकास की दिशा में बड़ा कदम है।

शिक्षा में निवेश, बेटियों को मिलेगा लाभ

शिक्षा क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा निवेश किया है। कुल 19,148 करोड़ रुपये शिक्षा के लिए निर्धारित किए गए हैं। रेखा गुप्ता ने घोषणा की कि सरकारी स्कूलों में कक्षा 9 की 1.30 लाख छात्राओं को मुफ्त साइकिलें दी जाएंगी, जिसके लिए 90 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा, 10वीं कक्षा के मेधावी छात्रों को लैपटॉप देने की योजना भी शुरू की जाएगी, जिससे डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और छात्रों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जा सकेगा।

स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बजट में कई अहम घोषणाएं की गई हैं। ट्रांसजेंडर समुदाय को आयुष्मान भारत योजना के दायरे में लाने के लिए 202 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा 750 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाने के लिए 1,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। सरकार ने यह भी ऐलान किया कि पिछली सरकार के दौरान अधूरे रह गए सात ICU अस्पतालों को 150 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा, जिससे राजधानी में स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी। दिल्ली सरकार ने गिग वर्कर्स के लिए भी खास योजनाएं पेश की हैं। अटल कैंटीन के पास उनके लिए आराम गृह बनाए जाएंगे और एक वेलफेयर बोर्ड का गठन किया जाएगा। इससे इस वर्ग को सामाजिक सुरक्षा और बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

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