डिजिटल डेस्क- छत्तीसगढ़ के बलोदा बाजार-भाटापारा जिले में गुरुवार को एक दर्दनाक औद्योगिक हादसा सामने आया। भाटापारा के ग्रामीण क्षेत्र के बकुलाही गांव में स्थित रियल इस्पात एंड पावर लिमिटेड के स्टील प्लांट में कोयला भट्ठे में हुए भीषण विस्फोट में छह श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया गया। जानकारी के अनुसार, यह विस्फोट उस समय हुआ जब प्लांट में कोयला भट्ठे का संचालन किया जा रहा था। अचानक हुए विस्फोट से गर्म कोयला और भारी मलबा उस चबूतरे पर जा गिरा, जहां कई श्रमिक काम कर रहे थे। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि आसपास धुआं और आग फैल गई, जिससे प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मजदूर अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
छह श्रमिकों की मौके पर मौत, 10 को घायल अवस्था में बाहर निकाला गया
बलोदा बाजार की पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने बताया कि राहत और बचाव दल ने अब तक घटनास्थल से 10 लोगों को बाहर निकाला है। इनमें से छह श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार को जीवित बचा लिया गया। उन्होंने बताया कि घायलों को तत्काल भाटापारा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर बताते हुए उन्हें बिलासपुर रेफर कर दिया। सभी घायलों का इलाज जारी है। पुलिस अधीक्षक ने यह भी कहा कि बचाव अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि विस्फोट के समय कुछ और मजदूर भट्ठे के आसपास मौजूद थे, जो मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं। इसी वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है और मलबा हटाने का काम सावधानी से किया जा रहा है।
सूचना पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी
विस्फोट के बाद प्लांट में काम कर रहे कई मजदूर गर्म कोयले और आग की चपेट में आ गए, जिससे वे बुरी तरह झुलस गए। हालांकि, इनमें से कुछ को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है, जबकि गंभीर रूप से झुलसे मजदूरों पर डॉक्टरों की विशेष निगरानी रखी जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्लांट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है और पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। पुलिस के अनुसार, यह पता लगाया जा रहा है कि भट्ठे में विस्फोट किस कारण से हुआ और क्या प्लांट में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।