शिव शंकर सविता- वैलेंटाइन डे से ठीक दो दिन पहले पटना की सड़कों पर लगे कुछ पोस्टरों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। शहर के कई इलाकों में ‘हिंदू शिवभवानी सेना’ के नाम से लगाए गए पोस्टरों में प्रेमी जोड़ों को चेतावनी दी गई है। पोस्टर की प्रमुख पंक्ति “जहां मिलेंगे बाबू-सोना, तोड़ देंगे कोना-कोना…” सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है। पोस्टरों में दावा किया गया है कि वैलेंटाइन डे भारतीय संस्कृति के खिलाफ है और इससे “अश्लीलता” व “लव जिहाद” को बढ़ावा मिलता है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि पार्क, रेस्टोरेंट या सार्वजनिक स्थानों पर जोड़े प्रेम का इजहार करते पाए गए तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पोस्टर में यह भी कहा गया है कि चॉकलेट डे से लेकर वैलेंटाइन डे तक का सप्ताह भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के विपरीत है और संगठन की टीमें दिनभर निगरानी करेंगी।
14 फरवरी को शहीदों को श्रद्धांजलि देने की अपील
कुछ पोस्टरों में पुलवामा हमले का जिक्र करते हुए लोगों से 14 फरवरी को शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने की अपील भी की गई है। संगठन का कहना है कि इस दिन को उत्सव की बजाय देश के लिए शहीद हुए सैनिकों की याद में मनाया जाना चाहिए। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इन पोस्टरों की कड़ी आलोचना की है। पार्टी प्रवक्ता एजाज अहमद ने बयान जारी कर कहा कि इस तरह की भाषा समाज में नफरत फैलाने का काम करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संगठन युवाओं की निजी स्वतंत्रता में दखल देकर माहौल खराब करना चाहते हैं।
नहीं आया पुलिस का कोई बयान
इधर, प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। शहर में सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या न उत्पन्न हो। गौरतलब है कि हर साल वैलेंटाइन डे से पहले इस तरह के विवाद सामने आते रहे हैं। इस बार भी पोस्टरों ने माहौल को गरमा दिया है और सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है एक तरफ जहां कुछ लोग इसे संस्कृति की रक्षा बताते हैं, वहीं कई लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता में हस्तक्षेप मान रहे हैं।