KNEWS DESK – बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज (6 मार्च) अपने पार्टी नेताओं की बैठक पूरी की, जिसमें उन्होंने राज्यसभा जाने के अपने फैसले को लेकर विधायकों और पार्टी नेताओं को आश्वस्त किया। सूत्रों के अनुसार, बैठक में सीएम ने विधायकों से कहा कि उनका राज्यसभा जाना बिहार के कामकाज पर कोई असर नहीं डालेगा और सब काम नियमानुसार चलता रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया, “हम सब देखते रहेंगे, चिंता मत कीजिएगा।”
बैठक में कई विधायक भावुक नजर आए और उन्होंने निशांत कुमार को राजनीति में लाने की मांग की। हालांकि, नीतीश कुमार ने कहा कि वे बिहार में भी रहेंगे और पार्टी के कामकाज पर नजर रखेंगे। बैठक में तमाम विधायक, विधान परिषद सदस्य और सांसद मौजूद रहे, लेकिन सीएम के बेटे निशांत कुमार इस बैठक में शामिल नहीं हुए।
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले पर कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है। कई जगह धरना प्रदर्शन हुए और पार्टी कार्यकर्ताओं ने फैसले पर पुनर्विचार की मांग की। इसके बावजूद सीएम ने साफ कर दिया कि उनका निर्णय अंतिम है और इसे बदला नहीं जाएगा। पार्टी के कई नेता मानते हैं कि नीतीश कुमार ने बिहार में अपने नेतृत्व से एनडीए को प्रचंड जनादेश दिलाया है और पांच साल तक उन्हें मुख्यमंत्री बने रहना चाहिए। वहीं, विपक्ष ने इस फैसले को बीजेपी की साजिश और हाईजैक करार दिया है।
गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने 5 मार्च को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया था। इससे पहले नीतीश कुमार विधानसभा, विधान परिषद और लोकसभा के सदस्य रह चुके हैं। बिहार में इस बार राज्यसभा की पांच सीटें खाली हो रही हैं और 16 मार्च को वोटिंग होगी। एनडीए के संख्याबल के हिसाब से उनके चार उम्मीदवार आसानी से जीत हासिल कर लेंगे।