जेल से अस्पताल तक VIP ट्रीटमेंट! IGIMS में सिगरेट पीते दिखे बाहुबली विधायक अनंत सिंह, राजद में साधा निशाना

डिजिटल डेस्क- बिहार की सियासत में एक बार फिर बाहुबली विधायक अनंत सिंह सुर्खियों में आ गए हैं। मोकामा विधानसभा सीट से विधायक अनंत सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह खुलेआम अस्पताल के अंदर सिगरेट पीते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो कथित तौर पर पटना के आईजीआईएमएस (IGIMS) अस्पताल का बताया जा रहा है, जहां अनंत सिंह को जेल से नियमित मेडिकल चेकअप के लिए लाया गया था। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि अनंत सिंह अस्पताल के गलियारे में अपने समर्थकों के साथ चलते हुए बेफिक्र अंदाज में सिगरेट पी रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद न सिर्फ अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था, बल्कि जेल प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल जैसे सार्वजनिक और प्रतिबंधित क्षेत्र में सिगरेट पीना नियमों का उल्लंघन माना जाता है, ऐसे में एक सजायाफ्ता विधायक का इस तरह का व्यवहार चर्चा का विषय बन गया है।

दुलारचंद हत्या मामले में जेल में हैं बंद

बताया जा रहा है कि अनंत सिंह इस समय बेउर जेल में बंद हैं और समय-समय पर उन्हें स्वास्थ्य जांच के लिए आईजीआईएमएस अस्पताल लाया जाता है। वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या जेल से अस्पताल लाए गए कैदियों को इस तरह की छूट मिलनी चाहिए और क्या सुरक्षा एजेंसियां अपने दायित्वों का सही ढंग से पालन कर रही हैं। इस वीडियो को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं।

नायक नहीं खलनायक है तू…. राजद ने कसा तंज

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस पूरे मामले पर नीतीश सरकार को घेरा है। आरजेडी की प्रवक्ता प्रियंका भारती ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर वीडियो साझा करते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने कैप्शन में लिखा, “नायक नहीं खलनायक है तू… सुशासन को धुएं में उड़ाता हुआ अनंत सिंह! नीतीश जी का दुलारा खलनायक अस्पताल में सिगरेट पीते हुए रीलबाजी कर रहे हैं!” इस पोस्ट के जरिए आरजेडी ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘सुशासन’ की छवि पर सवाल उठाए हैं।

बाहुबली नेताओं में शुमार है विधायक अनंत सिंह

गौरतलब है कि अनंत सिंह का नाम बिहार की राजनीति में बाहुबली नेताओं में गिना जाता है। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान हुई हिंसा के मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई थी, जिसके बाद से वह जेल में हैं। दिलचस्प बात यह है कि जेल में रहते हुए ही उन्होंने मोकामा सीट से चुनाव लड़ा और अपने प्रतिद्वंद्वी को 28 हजार से अधिक वोटों से हराकर जीत दर्ज की थी। फिलहाल वायरल वीडियो के बाद प्रशासन और जेल विभाग की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना यह होगा कि इस मामले में कोई जांच या कार्रवाई होती है या यह मामला भी राजनीतिक बयानबाजी तक ही सीमित रह जाता है।