बिहारः सिगरेट-गुटखा देने से मना किया तो दुकानदार के मुंह में मारी गोली, हालत नाजुक

डिजिटल डेस्क- बिहार में बढ़ते अपराध के बीच मधेपुरा जिले से एक और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। सदर थाना क्षेत्र के टीपी कॉलेज के पास किराना दुकानदार को महज सिगरेट और गुटखा देने से मना करना भारी पड़ गया। बाइक सवार बदमाशों ने नजदीक से उसके मुंह में गोली मार दी और फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल दुकानदार का इलाज सहरसा के एक निजी अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। घायल की पहचान 35 वर्षीय पिंटू केसरी के रूप में हुई है, जो पिछले 12 वर्षों से उसी इलाके में किराने की दुकान चला रहे हैं। मंगलवार रात करीब 12 बजे वह रोज की तरह दुकान बंद कर घर लौटने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान बाइक पर सवार कुछ युवक वहां पहुंचे और सिगरेट व गुटखा की मांग करने लगे। पिंटू ने दुकान बंद होने का हवाला देते हुए सामान देने से इनकार कर दिया।

मामूली कहासुनी बनी खूनी वारदात

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्साए बदमाशों ने पिंटू के मुंह में नजदीक से गोली मार दी। गोली लगते ही वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के समय दुकान पर पिंटू के भाई पप्पू केसरी और कर्मचारी शाहनवाज भी मौजूद थे। उन्होंने तुरंत परिजनों को सूचना दी और घायल को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए उन्हें सहरसा रेफर कर दिया गया। सहरसा के निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर गोली निकाल दी है, लेकिन पिंटू की स्थिति अब भी चिंताजनक बताई जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि गोली मुंह के अंदर गंभीर चोट पहुंचाकर निकली है, जिससे संक्रमण और अन्य जटिलताओं का खतरा बना हुआ है।

CCTV खंगाल रही पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। अनुमंडल पुलिस अधिकारी प्रवेंद्र भारती ने बताया कि आरोपियों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जल्द ही बदमाशों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी। इस गोलीबारी की घटना से इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और उन्होंने देर रात पुलिस गश्त बढ़ाने तथा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि मामूली विवाद में इस तरह की हिंसा बेहद चिंताजनक है और प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए।

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