बिहारः मेडिकल जांच के दौरान कैदी फरार, अंडरग्राउंड नाले में जा छिपा, काफी मशक्कत के बाद दोबारा गिरफ्तार

डिजिटल डेस्क- बिहार के दरभंगा जिले से पुलिस की गंभीर लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां मेडिकल जांच के लिए अस्पताल लाए गए एक कैदी ने पुलिस को चकमा देकर फरार होने की कोशिश की और जान बचाने के लिए पास ही स्थित अंडरग्राउंड नाले में जा छिपा। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। हालांकि, काफी देर की मशक्कत और मान-मनौव्वल के बाद पुलिस ने फरार कैदी को दोबारा गिरफ्तार कर लिया, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला दरभंगा जिले के लहेरियासराय थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, लहेरियासराय थाना पुलिस दो कैदियों इफ्तिखार अहमद और मोहसिन कुरैशी को मेडिकल जांच के लिए बहादुरपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) लेकर पहुंची थी। मेडिकल जांच की प्रक्रिया के दौरान अचानक इफ्तिखार अहमद ने मौके का फायदा उठाया और पुलिसकर्मियों को चकमा देकर भाग निकला। इससे पहले कि पुलिस कुछ समझ पाती, इफ्तिखार अस्पताल के बगल में स्थित अंडरग्राउंड नाले में कूद गया।

कैदी के फरार होने की सूचना पर फूले पुलिस के हाथ-पैर

कैदी के फरार होने की खबर मिलते ही पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। घटना स्थल पर मौजूद लोगों की भीड़ जुट गई और देखते ही देखते यह मामला चर्चा का विषय बन गया। पुलिस ने तत्काल नाले के आसपास घेराबंदी कर दी ताकि कैदी कहीं और भाग न सके। बताया जा रहा है कि जिस नाले में कैदी छिपा था, वह काफी संकरा और गहरा था, जिससे उसमें उतरकर कार्रवाई करना पुलिस के लिए जोखिम भरा हो सकता था। हालात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कैदी को नाले से बाहर निकालने के लिए समझाने-बुझाने का रास्ता अपनाया। काफी देर तक पुलिसकर्मी कैदी से बाहर आने की अपील करते रहे। पुलिस को इस बात का भी डर सता रहा था कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो कैदी नाले के रास्ते किसी दूसरी जगह फरार हो सकता है। अंततः लंबी मशक्कत के बाद इफ्तिखार अहमद को नाले से बाहर निकालकर दोबारा हिरासत में ले लिया गया।

दोबारा गिरफ्तार कर पुलिस ने ली राहत की सांस

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान दूसरा कैदी मोहसिन कुरैशी पुलिस की गिरफ्त में ही रहा और उसने भागने की कोई कोशिश नहीं की। पुलिस ने फरार कैदी को दोबारा गिरफ्तार करने के बाद राहत की सांस ली, लेकिन तब तक पुलिस की लापरवाही को लेकर सवाल उठने लगे थे। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर बिहार पुलिस की कार्यशैली की जमकर आलोचना हो रही है। सवाल उठ रहे हैं कि एक कैदी को मेडिकल जांच के लिए ले जाते समय पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए। वहीं, यह भी पूछा जा रहा है कि आखिर पुलिस की मौजूदगी में कैदी को भागने का मौका कैसे मिल गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *