डिजिटल डेस्क- पटना उच्च न्यायालय में बुधवार को एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब जस्टिस संगम कुमार साहू ने 47वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया। उन्होंने न्यायमूर्ति पी. बी. बजंथ्री के सेवानिवृत्त होने के बाद यह जिम्मेदारी संभाली। राजभवन के राजेंद्र मंडप में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में बिहार के राज्यपाल श्री आरिफ मोहम्मद खान ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस गरिमामय अवसर पर मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार, पटना हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश, कई पूर्व न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। समारोह के दौरान न्यायपालिका की गरिमा और संवैधानिक मूल्यों की झलक साफ नजर आई।
नियुक्ति की प्रक्रिया पिछले महीने से हुई थी शुरू
जस्टिस संगम कुमार साहू की नियुक्ति की प्रक्रिया पिछले महीने शुरू हुई थी। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 18 दिसंबर 2025 को हुई अपनी बैठक में उनके नाम की अनुशंसा केंद्र सरकार को भेजी थी। इसके बाद राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने पर केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय ने उनकी नियुक्ति की आधिकारिक अधिसूचना जारी की। इससे पहले पटना हाईकोर्ट में कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस सुधीर सिंह अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। मुख्य न्यायाधीश बनने के बाद जस्टिस साहू से न्यायिक कार्यों में तेजी और प्रभावशीलता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। न्यायालय में लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे, न्याय तक आम जनता की आसान पहुंच और प्रशासनिक सुधारों में उनकी भूमिका को अहम माना जा रहा है।
कानूनी सफर रहा प्रेरणादायक
जस्टिस संगम कुमार साहू का जन्म वर्ष 1964 में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कटक के नया बाजार हाई स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद स्टीवर्ट विज्ञान कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई पूरी की और उत्कल विश्वविद्यालय से अंग्रेजी व ओड़िया विषय में एमए की डिग्री हासिल की। न्याय और कानून के प्रति उनकी रुचि बचपन से ही रही, जो उन्हें अपने पिता स्वर्गीय शरत चंद्र साहू से विरासत में मिली। उनके पिता फौजदारी कानून के प्रतिष्ठित जानकार थे। 26 नवंबर 1989 को ओडिशा राज्य कानून परिषद में वकील के रूप में पंजीकरण के बाद जस्टिस साहू ने डॉ. मनोरंजन पंडा के मार्गदर्शन में वकालत शुरू की। उन्होंने विशेष रूप से आपराधिक मामलों में अपनी पहचान बनाई। उनकी कानूनी दक्षता और निष्पक्ष दृष्टिकोण को देखते हुए 2 जुलाई 2014 को उन्हें ओडिशा हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया।
न्यायपालिका में नई उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि जस्टिस साहू का अनुभव, नेतृत्व क्षमता और गहन कानूनी समझ पटना हाईकोर्ट की कार्यप्रणाली को और मजबूत बनाएगी। उनके मुख्य न्यायाधीश बनने से न्यायिक पारदर्शिता, प्रशासनिक दक्षता और आम जनता के विश्वास में वृद्धि होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी जस्टिस साहू के न्यायिक योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में पटना हाईकोर्ट एक नई दिशा की ओर अग्रसर होगा। जस्टिस संगम कुमार साहू का पदभार ग्रहण करना पटना उच्च न्यायालय के लिए एक नए और सकारात्मक अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है।