डिजिटल डेस्क- बिहार में हाल के दिनों में बढ़ती दुष्कर्म की घटनाओं के बीच पूर्णिया जिले से एक अलग और संवेदनशील मामला सामने आया है। मीरगंज थाना क्षेत्र के बरकोन गांव में 45 वर्षीय महिला ने 22 वर्षीय युवक पर रेप का आरोप लगाया है। आरोप दर्ज होते ही पुलिस कार्रवाई के लिए युवक के घर पहुंची, जिसके बाद युवक ने कथित तौर पर जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास कर लिया। फिलहाल उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है और वह पूर्णिया मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती है। मामले के अनुसार, महिला का आरोप है कि वह मक्का के खेत में काम कर रही थी, तभी युवक ने उसे जबरन खेत के भीतर ले जाकर दुष्कर्म किया। घटना के बाद महिला और उसके पति ने मीरगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर कार्रवाई शुरू की और आरोपी युवक की तलाश में उसके घर पहुंची।
रिश्ते में लगने वाली चाची ने लगाया आरोप
इसी बीच, परिजनों के अनुसार, पुलिस के घर आने की जानकारी मिलते ही युवक घबरा गया। युवक ने कीटनाशक पी लिया, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे तत्काल पूर्णिया मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गए, जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। अस्पताल में भर्ती युवक ने अपना पक्ष रखते हुए आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उसका कहना है कि महिला रिश्ते में उसकी ‘चाची’ लगती है। युवक का दावा है कि उसने महिला को किसी अन्य पुरुष के साथ खेत में देखा था, जिसके कारण उसे झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। उसने यह भी कहा कि उसे पुलिस से ज्यादा अपने भाइयों की पिटाई का डर था, इसलिए घबराकर उसने यह कदम उठाया।
24 घंटे से अधिक समय तक बैठाए रखा गया थाने
वहीं, युवक के भाई ने भी महिला के आरोपों को गलत बताया है। उसका कहना है कि पुलिस आरोपी को पकड़ने के बजाय उनके परिवार की महिलाओं और पुरुषों को थाने ले गई और 24 घंटे से अधिक समय तक बैठाए रखा। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने दबाव की रणनीति अपनाई। इस घटना ने इलाके में तनाव का माहौल बना दिया है। एक ओर महिला न्याय की मांग कर रही है, तो दूसरी ओर युवक का परिवार आरोपों को झूठा बता रहा है। दोनों पक्षों के दावों के बीच सच क्या है, यह फिलहाल जांच का विषय है।
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। मेडिकल जांच, घटनास्थल की पड़ताल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी यह भी बता रहे हैं कि युवक के बयान को भी रिकॉर्ड किया जाएगा, जब उसकी हालत स्थिर हो जाएगी। बिहार में हालिया घटनाओं के चलते दुष्कर्म के मामलों को लेकर पहले से ही संवेदनशील माहौल बना हुआ है। ऐसे में पूर्णिया की यह घटना और भी चर्चा में आ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने के बजाय वैज्ञानिक और निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।