मोहम्मद दीपक को थप्पड़ मारने वाले को दो लाख इनाम…. सोशल मीडिया फेम पाने के लिए युवक ने बनाई वीडियो, वायरल होने पर मांगी माफी

डिजिटल डेस्क- बिहार के मोतिहारी जिले के रहने वाले एक युवक को सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश भारी पड़ गई। फेसबुक और यूट्यूब पर फॉलोवर्स बढ़ाने के लिए उसने ऐसा वीडियो पोस्ट कर दिया, जिसके बाद मामला उत्तराखंड से होते हुए सीधे थाने तक पहुंच गया। अंततः युवक को पुलिस के सामने पेश होना पड़ा और वीडियो जारी कर माफी मांगनी पड़ी। दरअसल, पूरा मामला 26 जनवरी 2026 का है। उत्तराखंड के कोटद्वार स्थित पटेल मार्ग पर पिछले 30 वर्षों से चल रही ‘बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर’ नामक दुकान को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। कुछ हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने दुकान मालिक से ‘बाबा’ शब्द हटाने की मांग की। इसी दौरान दीपक नाम का एक स्थानीय युवक मौके पर पहुंचा और नाम बदलने की मांग का विरोध किया। उसने अपना नाम ‘मोहम्मद दीपक’ बताया, जिसके बाद वहां बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

वायरल होते ही होने लगी चर्चा, दीपक ने उत्तराखंड में दर्ज कराई शिकायत

वीडियो के वायरल होते ही यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया। इसी बीच मोतिहारी के छतौनी थाना क्षेत्र निवासी उत्कर्ष कुमार सिंह ने भी इस मामले पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। बताया जाता है कि वायरल वीडियो के कारण उसकी ऑनलाइन लोकप्रियता प्रभावित हो रही थी। ऐसे में उसने कथित तौर पर एक वीडियो जारी कर ऐलान किया कि जो भी ‘मोहम्मद दीपक’ को थप्पड़ मारेगा, उसे वह 2 लाख रुपये नकद इनाम देगा। उत्कर्ष का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। इसके बाद उत्तराखंड के दीपक ने कोटद्वार थाने में उत्कर्ष के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सोशल मीडिया अकाउंट की जांच की और लोकेशन के आधार पर आरोपी की पहचान मोतिहारी निवासी उत्कर्ष कुमार सिंह के रूप में की।

पुलिस के सामने मांगी माफी

उत्तराखंड पुलिस ने मोतिहारी पुलिस से संपर्क कर सहयोग मांगा। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने उत्कर्ष को थाने बुलाकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उत्कर्ष ने वीडियो के जरिए दीपक से माफी मांगी। हालांकि उसने यह भी कहा कि उसकी भावनाएं धार्मिक मुद्दे को लेकर आहत थीं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया पर इस तरह के भड़काऊ या हिंसा को बढ़ावा देने वाले बयान कानूनन अपराध की श्रेणी में आ सकते हैं। ऐसे मामलों में आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *