अंकिता भंडारी हत्याकांड: विपक्ष के सवाल भारी, सीबीआई जांच जारी !

उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट – प्रदेश में चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर राज्य में मच रहे बवाल के बीच सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मामले की जांच सीबीआई से कराने का ऐलान किया है. धामी सरकार ने फैसला लिया है. कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंपी जाएगी. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी मामले में CBI जांच की मंजूरी दी है. यह फैसला अंकिता के माता-पिता के अनुरोध पर लिया गया. फैसले के बाद पहली प्रतिक्रिया देते हुए सीएम धामी ने कहा कि सरकार शुरू से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से न्याय के लिए काम कर रही है. भले ही अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में सीएम धामी ने सीबीआई जांच की संस्तुति दे दी हो, लेकिन इस मामले में सियासी तकरार थमने का नाम नहीं ले रहा है. अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच को भाजपा ने जन भावनाओं के अनुरूप बताया. वहीं कांग्रेस का मानना है कि जिन लोगों पर गंभीर आरोप लग रहे हैं, वे रसूखदार पदों पर बैठे हैं. और सत्तारूढ़ दल से जुड़े हैं. ऐसे में केवल सीबीआई जांच का आदेश देना जनता की आशंकाओं को दूर नहीं करता. बल्कि यह मामला इतना संवेदनशील और गंभीर है. कि इसकी जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में होनी चाहिए थी, तभी सच्चाई सामने आ सकती है.ऐसे में धामी सरकार द्वारा दिए सीबीआई जांच के आदेश ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं|

देवभूमि में चर्चित अंकिता भंडारी हत्या कांड पर राजनीति खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. कल शाम मुख्यमंत्री धामी ने जांच CBI के हवाले करने का बड़ा फैसला भी ले लिया है. धामी ने कहा है कि राज्य सरकार ने शुरू से लेकर अंत तक न्याय सुनिश्चित किया है. हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर प्रसारित हुई ऑडियो के संबंध में अलग-अलग FIR दर्ज की गई है। इसकी जांच जारी है. कुछ लोगों ने अपने राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए भ्रामक स्थिति पैदा करने का प्रयास किया है. सरकार का दायित्व है कि जनता को इस स्थिति से निकाला जाए उनकी भावनाओं का सम्मान किया जाए. मैंने उनके माता-पिता से बात की उन्होंने कहा CBI जांच होनी चाहिए. हम इस मामले की जांच CBI से कराने की संस्तुति कर रहे हैं. साथ कांग्रेस लगातार vip के नाम का पर्दाफाश और जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में करने की मांग पर अटल है.अगर सरकार इन बिंदुओं पर जांच नहीं करती तो ये आंदोलन और प्रदेश में बढ़ेगा जिसकी चेतावनी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दे दी है.

मुख्यमंत्री धामी ने जांच CBI की मंजूरी भले ही दे दी हो लेकिन विपक्ष अपने सवालों से धामी सरकार पर अभी भी हमलावर नजर आ रहा है, विपक्ष का मानना है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच के आदेश को उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने काफी करार दिया है. उन्होंने कहा कि यह देवभूमि की जागरूक जनता की जीत तो है, लेकिन यह जीत अधूरी है. गोदियाल ने कहा कि केंद्र में भी भाजपा की सरकार है. और राज्य में भी भाजपा की सरकार है. ऐसे में सीबीआई की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है. वहीं भाजपा विपक्ष पर अंकिता भंडारी कांड को लेकर राजनीति कर प्रदेश का माहौल ख़राब करने का गंभीर आरोप लगा रही है.

प्रदेश में अंकिता को न्याय दिलाने को लेकर सोशल मीडिया से लेकर जमीन तक पर लोग लड़ाई लड़ रहे हैं. हाल ही में सीएम धामी ने अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की थी. मुलाकात के बाद भले ही सीबीआई जांच के आदेश धामी सरकार की ओर से कर दिए हो लेकिन फिलहाल कांग्रेस इस मुद्दे पर पीछे हटने के मूड में नहीं है. पार्टी ने साफ संकेत दिए हैं. कि वह आंदोलन को जारी रखेगी और आने वाले दिनों में सरकार पर स्थिति स्पष्ट करने का दबाव और बढ़ाया जाएगा. अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर अब यह साफ हो गया है. कि सीबीआई जांच की घोषणा के बाद भी उत्तराखंड की राजनीति में यह मामला लंबे समय तक चर्चा और संघर्ष का विषय बना रहेगा.

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