KNEWS DESK- राजस्थान के सिरोही में देर रात भीषण हादसा हो गया। ये हादसा कार और ट्रोले के मध्य हुआ है। सिरोही में हुए हादसे की भयावहता का अदांजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर के बाद कार के परखच्चे उड़ गए। इस भीषण हादसे में महिला और बच्चों समेत 6 लोगों की मौत हो गई और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
राजस्थान के सिरोही जिले के आबू रोड क्षेत्र के किवरली के पास गुरुवार (6 मार्च) की सुबह करीब 3 बजे दर्दनाक हादसा हुआ। इस हादसे की जानकारी मिलने पर सीओ गोमाराम, सदर थानाधिकारी दर्शन सिंह, एसआई गोकुलराम, हेड कांस्टेबल विनोद सहित पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे गए। थाने की पुलिस ने घटना के बारे में जानकारी हासिल की
सीओ गोमाराम ने बताया की जालोर निवासी लोग कार में सवार होकर अहमदाबाद से जालोर जा रहे थे. तभी नेशनल हाइवे 27 पर आबूरोड सदर थाना के किवरली के पास आगे चल रहे ट्रोले से कार की टक्कर हो गई। सीओ गोमाराम के अनुसार हादसे में 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 लोगों ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। घटना में एक महिला घायल हुई है, जिसे 108 एम्बुलेंस की मदद से राजकीय अस्पताल आबूरोड ले जाया गया है. घायल महिला को प्राथमिक उपचार के बाद सिरोही रेफर कर दिया गया है।
पुलिस ने बताया कि मृतकों के शवों को मोर्चरी मे रखवाया गया है। इस घटना की सूचना परिजनों को दे दी गई है और एक घायल महिला का अस्पताल में उपचार चल रहा है। पुलिस के अनुसार मृतकों में एक ही परिवार के नारायण प्रजापत (58), उनकी पत्नी पोशी देवी (55) और उनका पुत्र दुष्यंत (24) निवासी कुम्हारो का वास जालोर, चालक कालूराम (40) पुत्र प्रकाश चांदराई जालोर, यशराम (4) पुत्र कालूराम चांदराई, जयदीप पुत्र पुखराज प्रजापत शामिल है, वहीं दरिया देवी (35) पत्नी पुखराज निवाली जालोर का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
हादसा इतना भीषण की क्रेन से निकालनी पड़ी ट्रोले में फंसी कार- हेड कांस्टेबल विनोद लांबा ने बताया की वह रात्रिकालीन गश्त पर थे। उसी समय नेशनल हाइवे पर किवरली से आगे जाने पर भीषण दुर्घटना की आवाज सुनाई दी। वह मात्र 2 मिनट में ही मौके पर पहुंच और घटना के बारे में एम्बुलेंस और उच्च अधिकारियों को सूचना दी। थाना पुलिस ने मौके पर क्रेन को बुलाया और ट्रोले मे फंसी कार को बाहर निकाला गया. मृतकों के शवों को बाहर निकालने के लिए कार के दरवाजे तोड़े गए. करीब 40 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला जा सका।