उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट , ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध की वजह से बनी वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने खाद्य एवं रसद आपूर्ति की स्थिति पर कड़ी निगरानी रखने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है.उत्तराखंड में जहां कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद है, तो वहीं घरेलू गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं की भी गैस एजेंसियों के सामने लंबी-लंबी लाइन देखने को मिल रही हैं, जिससे प्रदेश में गैस सिलेंडर को लेकर पैनिक सिचुएशन क्रिएट हो गई है. हालांकि सरकार की तरफ से भरोसा दिया गया है, कि प्रदेश में गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है.मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र,देहरादून में तमाम अधिकारियों और विशेषज्ञों की तैनाती अग्रिम आदेशों तक के लिए कर दी है.राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार इन अधिकारियों और विशेषज्ञों की तैनाती का उद्देश्य प्रदेश में खाद्य एवं आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता,आपूर्ति व्यवस्था और वितरण प्रणाली की लगातार निगरानी सुनिश्चित करना है. इसके साथ ही खाद्य एवं रसद से संबंधित सूचनाओं का नियमित संचालन, विश्लेषण के साथ ही तमाम विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा.मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य सरकार प्रदेशवासियों को आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सतर्क बताया है.उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी परिस्थिति में खाद्यान्न, एलपीजी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित नहीं होनी चाहिए तथा स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जाए.लापरवाही करने वालो पर जुर्माना सहित जेल की सजा के भी आदेश दिए गए है.वही बढ़ती गैस की किल्ल्त को लेकर अब सदन से लेकर सड़क तक नई बहस देखने को मिल रही है.और विपक्ष डबल इंजन की सरकार से इस समस्या पर जल्द निदान करने की मांग कर रहा है.
अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के कारण पूरी दुनिया में गैस सिलेंडर और पेट्रोलियम पदार्थों को लेकर कई तरह की खबरें आ रही हैं, जिसमें भारत भी अछूता नहीं है. भारत में कई राज्यों से गैस सिलडेंरों की किल्लत की खबर सामने आई हैं. इसी बीच सरकार का भी बड़ा बयान आया है.उत्तराखंड में जहां कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद है तो वहीं घरेलू गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं की भी गैस एजेंसियों के सामने लंबी-लंबी लाइन देखने को मिल रही हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खाद्य एवं आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पर्याप्त है और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है. राज्य सरकार सभी व्यवस्थाओं पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो. राज्य सरकार को ओर से उठाए गए इस कदम से प्रदेश में खाद्य एवं रसद आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी तथा किसी भी संभावित आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने में सहूलियत मिलेगी.वही बढ़ती गैस की समस्या को लेकर विपक्ष ने हाथो में तख्ती लेकर विधानसभा के बाहर जम कर राज्य सरकार का कड़ा विरोध किया साथ ही सदन में भी सरकार से जवाब मांग रहा है.
-प्रदेश में लगातार बढ़ती गैस की किल्लत से आम आदमी को दो चार होना पड़ रहा है,हलाकि सरकार गैस की कोई प्रदेश में कमी न होने का दावा तो करती दिख रही है. लेकिन जनता के हाथ आज भी इस समस्या को लेकर खाली नजर आ रहे है.राज्य सरकार प्रदेशवासियों को आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सतर्क बरते हुए है.मुख्य मंत्री ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी परिस्थिति में खाद्यान्न, एलपीजी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित नहीं होनी चाहिए जिस पर प्रदेश में सड़क से लेकर सदन तक राजनैतिक माहौल भी गरमा गया है.
प्रदेश में लगतार बढ़ती गैस समस्या को लेकर आम जनता परेशान है,कई घंटो इंतजार के बाद भी उनको खाली हाथ ही अपने घरो को जाना पड़ रहा है. ऐसे में एलपीजी संकट को लेकर दून वैली महानगर उद्योग व्यापार मंडल के मुख्यालय में होटल रेस्टोरेंट और ढाबा व्यवसाय से जुड़े पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई. इस बैठक में व्यापारियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की लगातार कमी पर गहरी चिंता जताई.देहरादून के व्यवसायियों का मानना है, कि सिलेंडर उपलब्ध न होने से उनके कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है, और आर्थिक तंगी की स्थिति बन रही है.अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो उन्हें अपनी दुकानों को बंद करने की नौबत आ सकती है.ऐसे में घरेलू गैस सिलेंडर के साथ कर्मशनल गैस सिलेंडर से प्रदेश में कारोबार का बड़ा संकट देखने को मिल रहा है,जिसको जल्द दूर करना अब सरकार के लिए दिन पर दिन बड़ी चूनौती बनता नजर आ रहा है.जो भविष्य के लिए बेहद बड़ा चिंता का विषय है.