बढ़ता कुनबा जीत का निशान ?

उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट, उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 को होने में अब एक साल से भी कम का समय बचा है. ऐसे में तमाम राजनीतिक दल अपने संगठन को मजबूत करने में जुटी हुई है. इसी कड़ी में देहरादून में तमाम विधानसभा क्षेत्रों से सैकड़ों विपक्षी नेताओं, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बीजेपी का दामन थामा. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने उन्हें पटका और फूलों की माला पहनाकर पार्टी ज्वाइन करवाई.साथ ही नई संगठनात्मक रचना के बाद भाजपा प्रदेश कोर कमेटी की पहली बैठक 14 फरवरी को पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व में होने जा रही है. जिसमें पार्टी गतिविधियों के साथ आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति और सरकारी उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की कार्ययोजना पर विमर्श किया जाएगा.सर्वे रिपोर्ट के आधार पर चर्चा हो रही है. सभी को अपनी विधानसभा में फोकस करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही स्पष्ट किया कि प्रत्याशी चयन का आधार, जीत की संभावना ही रहने वाला है. इसी तरह 2027 के चुनाव से पहले किन मुद्दों और किस तरह जनता के मध्य पार्टी अपनी बात पहुंचाना है, उसकी रणनीति तैयारियों को भी फाइनल किया जाना है.वही सभी विपक्षी दल भी अपना कुनबा बढ़ाने के साथ भाजपा को 2027 में हार का स्वाद चखने में अभी से जुट गए है.सभी अपनी रणनीति के आधार पर जीत का दावा करते नजर भी आ रहे है.

सांगठनिक टीम के गठन के बाद नई प्रदेश कोर कमेटी की बैठक 14 फरवरी को उत्तराखंड के देहरादून होगी. जिसमें पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रसाद नड्डा के मार्गदर्शन में आगामी राजनीतिक चुनौतियां एवं सांगठनिक प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा की जाएगी.वही भाजपा कार्यालय में रविवार को कांग्रेस समेत सपा, बसपा, यूकेडी और निर्दलीय कार्यकर्ताओं ने भाजपा का दामन थामा जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी शामिल रहे, पौड़ी से नगर पालिका अध्यक्ष  हिमानी नेगी समेत कई पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष, सदस्यों, सैनिकों ने भाजपा का दामन थामा, इसी के साथ कांग्रेस के युवा प्रवक्ता और युवा नेता अमनप्रीत ने भी भाजपा से प्रेरित होकर कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थामा इस पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जिस तरीके से भाजपा सरकार काम कर रही है इसी से प्रेरित होकर कांग्रेस के अधिक से अधिक कार्यकर्ता भाजपा का दामन थाम रहे हैं और इसकी संख्या भी बढ़ाने वाली है।वही आगामी 2027 के चुनाव से पहले कांग्रेस भी अपने कदम फुक फुक कर रख रही है.

कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि आगामी विस चुनाव में टिकट उसी को मिलेगा जो जीत सकता है। इसके विपरीत पार्टी के कुछ लोग अभी से राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे का नाम लेकर कह रहे कि हमारा टिकट फाइनल हो गया है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि टिकट तो राहुल गांधी का भी फाइनल नहीं है। टिकट को लेकर हरक सिंह रावत का उक्त बयान सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है. वहीं इस विषय पर भाजपा की भी प्रतिक्रिया सामने आई है।भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि यह कांग्रेस का अंदरूनी मामला है,लेकिन सब जानते हैं कि कांग्रेस में टिकट का बंटवारा कैसे होता है आने वाला समय बताएगा कि कांग्रेस टिकट किस को और किस प्रकार देती है।वही छेत्रिय दल यूकेडी ने भी इस बार प्रदेश की 70 सीटों पर चुनाव लड़ने व अपनी जीत का दावा किया है.साथ ही अन्य दल भी अपनी रणनीति बनाने में जुटे है.

      

गौरतलब है कि 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस एक्टिव है. इसी क्रम में पार्टी प्रदेश के मुद्दों को उठा रही है.वही बीजेपी का मानना है, की पार्टी पर विश्वास जताने वालों में इस बार सामाजिक कार्यकर्ता, पूर्व सैनिक और कर्मचारियों के साथ ही कांग्रेस, यूकेडी, बसपा और निर्दलीय जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों की बड़ी संख्या है. जो साल 2027 के चुनावों से पहले राज्य में राजनीतिक हवा का रुख और फिजा में केसरिया धमक को चमकाएंगे.साथ ही कांग्रेस सहित अन्य दल भी इस बार भाजपा को हार का स्वाद चखने के लिए बड़ी रणनीति बनाने का दावा कर रहे है,दावा हो भी क्यों न अब तक प्रदेश में दो बार से लगातार हार रही कांग्रेस इस बार दिल्ली हाई कमान से जीत का मन्त्र जो लेकर आई है।इस लिए आगामी चुनाव में भाई भतीजा नहीं जीत का चेहरा देख कर ही टिकट देने की बात कर रही है.साथ ही राजनीति में दल बदल कर रहे ये नेता आने वाले समय में किसका झंडा लेकर और किसका कुनबा बढ़ते दिखाई देंगे ये भी आने वाले समय पर स्पष्ट हो जायेगा।

   

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