उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट , उत्तराखंड की सियासत में चल रही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने आज 23 मार्च को अपने चार साल का सफर पूरा कर लिया है. प्रदेश में चार साल पहले बनी धामी सरकार ने विकास को अपना मुख्य एजेंडा बनाया था, जिसके चलते कई अहम कदम प्रदेश को विकसित करने और प्रदेश को अलग पहचान दिलाने के लिए धामी सरकार ने अब तक उठाये है. आपको बता दे की मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में चल रही सरकार द्वारा कई ऐतिहासिक और दूरदर्शी निर्णय न केवल प्रदेश में बल्कि देश के अन्य राज्यों व विदेशों में भी चर्चित हुए है, जिनमें समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण कानून, नकल विरोधी कानून, ऑपरेशन कालनेमि और अवैध अतिक्रमणों पर सख्ती ने सबका मन मोहा है. राजनीति के साथ धार्मिक बिंदुओं पर भी धामी सरकार ने अडिग होकर कार्य किया है, प्रदेश की रीड की हड्डी कही जाने वाली चारधाम यात्रा हो या शीतकालीन यात्रा सरकार लगातार यात्रियों और श्रद्धालुओं को सुविधाएं देने में पीछे नहीं हटी है. जन जन की सरकार जैसे तमाम अभियानों व कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार ने जनता के बीच पहुंच अनेको सुविधाएं भी इन चार सालों के अंतराल प्रदान की है. वही स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, महिला सशक्तिकरण, बिजली, पानी, कनेक्टिविटी, खेल, पलायन जैसे क्षेत्रों को भी सरकार एक चुनौती के रूप में स्वीकार कर कार्य कर रही है. रोजगार की बात करे तो सरकार और सत्ता पक्ष का दावा है कि इन चार वर्षों में तीस हजार से अधिक युवाओं को नौकरियां प्रदान की गयी है. ऐसे सभी विषयों को जोड़कर धामी सरकार के चार साल के कार्यकाल को सत्ता पक्ष भाजपा एक पर्व के रुप में प्रदेश में मना रही है और प्रदेश में बड़े आयोजनों के माध्यम से जनता के बीच धामी की उपलब्धियो को पहुचानें का कार्य कर रही है. बीते दिनों सरकार की उपलब्धियों को गिनवाने के लिए भाजपा द्वारा बड़े आयोजनों में केंद्र सरकार के दिग्गज नेताओं को प्रदेश दौरे के लिए आमंत्रित किया गया. चार साल बेमिसाल के चलते केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने प्रदेश में आकर धामी सरकार के चार साल पूरे होने पर धाकड़ धामी की पीठ थपथपाने का कार्य भी किया. लेकिन जहाँ एक ओर सत्ता दल भाजपा धामी सरकार के चार वर्षों को पूरे उत्साह के साथ एक त्यौहार के रूप में मनाती नज़र आ रही है वही प्रदेश की सियासत में विपक्ष अभी भी नाखुश सा नज़र आ रहा हैं और सरकार की नाकामियों को गिनाता हुआ दिखाई दे रहा है.
उत्तराखंड की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार ने आज अपने चार साल पूरे कर लिए हैं. इस मौके को यादगार बनाने के लिए आज से तीन दिवसीय कार्यक्रम शुरू हो गए हैं. बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं में इन कार्यक्रमों को लेकर बहुत उत्साह देखा जा रहा है.देहरादून के परेड ग्राउंड में शुरू हुए ‘उत्तराखंड सरकार के चार साल बेमिसाल’ कार्यक्रम में अनेक मंत्री और विधायक मौजूद हैं.वही जहाँ एक ओर भाजपा लगातार विभिन्न माध्यमों से धामी सरकार उपलब्धियां गिनवा रही है,तो हालही में आये बड़े केंद्रीय मंत्रियो ने भी धामी के कामो को सहराते हुए जम कर तारीफ करते हुए धाकड़ धामी के बाद धुरंधर धामी की उपाधि तक दे दी है,तो वही विपक्ष अभी भी सत्ता पक्ष को घेरता नज़र आ रहा है,विपक्ष का मानना है, की अभी भी धरातल पर कई ऐसे काम है. जिसको पूरा करने में धामी सरकार विफल रही है.ओर ये बीते चार साल बड़े निराशा जनक साबित हुए है.
आपको भी एक नजर में बता दे,चार सालो में धामी सरकार के 10 बड़े फैसले—-
1. समान नागरिक संहिता (UCC)
2. अतिक्रमण मुक्त अभियान
3. भ्रष्टाचार पर नकेल
4. सख्त नकल विरोधी कानून
5. धर्मांतरण विरोधी कानून
6. खनन सुधार
7. रोजगार सृजन
8. मूल निवास और सशक्त भू-कानून
9. महिला सशक्तिकरण
10. हाउस ऑफ हिमालय
धामी प्रदेश के अब ऐसे मुख्यमंत्री बनने जा रहे जो एनडी तिवारी के बाद आपने चार साल पुरे साथ पांच साल पुरे करने की नई राह से रिकॉड तोड़ देंगे,आपको बता दे,रक्षामंत्री राजनाथ के दौरे से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी चार साल पुरे होने पर प्रदेश को सम्बोधित का चुके है, 2027 विधानसभा चुनाव से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चाएं भी की गई है.साथ ही आने वाले समय में चुनाव की रणनीति तैयार की जाएगी. कैबिनेट विस्तार के बाद अब सम्भवता प्रदेश में दायित्व बंटवारे को लेकर भी बड़ा फैसला लिया जा सकता है.ऐसे में कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने भाजपा के चार साल पुरे होने और भीड़ जमा करने को लेकर भाजपा पर जम कर सवाल दागे है.
ऐसे में धामी सरकार के चार साल पुरे होना और उनकी उपलब्धियों को आम जनता के बीच बड़े आयोजन कर प्रचार प्रसंग करना आगामी विधानसभा चुनाव 2027 का बिगुल माना जा रहा है. इस कार्यक्रम के बहाने बीजेपी ने अपनी ताकत दिखाई है.वही विपक्षी दल धामी सरकार के इन चार साल बेमिसाल को भ्रष्टाचार के बेमिसाल बता रहा है.कुल मिलाकर आज के कार्यक्रम से भाजपा ने प्रदेश में शक्ति प्रदर्शन के तौर पर 2027 का आगाज कर दिया है.वही विपक्ष भी अपनी जीत की हुंकार भरते हुए भाजपा की नाकामियां बताने में जुट गया है.सवाल यही है की ऐसे में ये बड़े आयोजन प्रदेश की जनता को आगामी चुनाव में लुभाने में कितने कारगर साबित होंगे ये देखना अभी बाकि होगा।