उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट, देवों की भूमि कहे जाने वाले उत्तराखंड में हर वर्ष चलने वाली उत्तराखंड की विश्वविख्यात चारधाम यात्रा का आगाज़ एक बार फिर होने जा रहा है, आपको बता दे कि इस वर्ष चारधाम यात्रा का आधिकारिक आगाज़ 19 अप्रैल 2026 को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ होगा वही केदारनाथ के कपाट 22 अप्रैल और बद्रीनाथ के 23 अप्रैल को खुलेंगे. इसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 6 मार्च 2026 से शुरू भी हो चुके हैं. इसी क्रम में बद्री-केदार मंदिर समिति की हालही में हुई बैठक के दौरान यात्रा से सम्बन्धित कई विषयो पर चर्चा की गयी, और साथ ही चारधाम यात्रा के दौरान गैर हिंदुओ के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए भी प्रस्ताव रखा गया है. हालांकि इस विषय पर धामी सरकार की ओर से स्पष्ट नहीं हो पाया है की आखिर इस विवाद पर सरकार आने वाली चारधाम यात्रा पर क्या बड़ा निर्णय लेगी या नहीं लेकिन इस बार की चारधाम यात्रा में यात्रियों कर रिकॉड तोड़ दर्शन कराने का संकल्प मुख्यमंत्री ने स्वयं लिया है. मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यात्रा को सुचारू, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सड़कों के सुदृढ़ीकरण, अवस्थापना सुविधाओं के विकास, दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन तथा परिवहन व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए है कि यात्रा मार्गों पर सभी मूलभूत सुविधाएं, जैसे पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं और यातायात प्रबंधन सुनिश्चित किए जाएं. वही आपको बता दे, पिछले साल प्रदेश के दैविक आपदाओं के कारण चारधाम यात्रा करीब डेढ़ महीने तक बाधित रही थी, बावजूद इसके 51 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चार धाम के दर्शन किए थे. इस बार की चारधाम यात्रा के लिए अभी तक 10 लाख लोग रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं. ऐसे में राज्य सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड आने वाले तीर्थ यात्रियों एवं श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत ना हो. हालांकि, भौगोलिक परिस्थितियों प्रदेश की भिन्न हैं, बावजूद इसके राज्य सरकार का प्रयास रहेगा कि श्रद्धालुओं की ये यात्रा सुरक्षित हो. लेकिन चार धामयात्रा पर अभी तक रही अव्यवस्थाओं को लेकर विपक्षी दल लगातार हल्ला बोल रहे है. जिसमे यात्रियों को आ रही दिक्कतों के साथ ही यात्रा बजट पर कई सवाल विपक्ष ने खड़े कर दिए है.
उत्तराखंड की चारधाम यात्रा 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही शुरू हो रही है. इसके लिए व्यवस्थाओं को मुकम्मल कराया जा रहा है, ताकि चारधाम की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की कोई दिक्कत ना हो. सीएम धामी ने कहा कि अब तक 10 लाख लोग चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं. सरकार हर एक यात्री को चारधाम के दर्शन कराएगी. इसके बावजूद चार धाम में गैर हिंदुओं के प्रवेश का मामला अभी शांत नहीं हुआ इसी बीच चार धाम यात्रा को सफल और बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ किया है की चार धाम में आने वाले श्रद्धालुओं का हर स्थिति में पूरा ख्याल रखा जाएगा,वही विपक्ष ने हल्ला बोलते हुए चार धाम यात्रा पर अभी तक रही अव्यवस्थाओं को लेकर धामी सरकार पर कई सवाल खड़े कर दिए है. जिसमे यात्रियों को आ रही दिक्कतों के साथ ही यात्रा बजट का दुरूपयोग करने तक का आरोप लगाया है.
19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड चारधाम यात्रा की शुरुआत हो जाएगी, जिसमें अब महज एक महीने का ही वक्त बचा है. चारधाम यात्रा से संबंधित विभाग व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटे है. चारधाम यात्रा को बेहतर और सुरक्षित ढंग से संचालित करने में सड़कों की काफी महत्वपूर्ण भूमिका होती है. क्योंकि सड़क मार्गों से ही हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु चारधाम में पहुंचते है, लेकिन वर्तमान समय में चारधाम यात्रा मार्ग पूरी तरह से दुरूस्त नहीं है, जिसके चलते विभागीय स्तर पर कार्रवाई तेज हो गई है. वही विपक्षी दलों ने सरकार के साथ रोड कनेक्टिविटी को लेकर कई सवाल भी खड़े किए है, साथ ही भाजपा का मानना है की यात्रा से पहले सभी कमियों व कार्यों को दुरस्त कर लिया जायेगा।
लोक निर्माण विभाग का मानना है, कि चारधाम मार्गों पर अभी तक जो भी कमियां मिली है, उसको अगले एक महीने में दूर कर देंगें. साथ ही चिन्हित भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र है, जहां पर लगातार मलबा आता रहता है, वहां पर कैपेसिटी के अनुसार मशीनों की तैनाती की जाती है. इसके साथ ही इस बात पर भी ध्यान दिया जाता है कि कोई ऐसा भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र जो लंबे समय तक बंद हो सकता है, तो उस स्थिति में वैकल्पिक मार्गों की प्लानिंग की जाती है. इसकी पूरी सूची है क्योंकि हर साल ही वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की जाती है.ऐसे में भूस्खलन भी चारधाम यात्रा के दौरान खलल न मचा पाए इसका विशेष ध्यान भी रखा जा रहा है. सम्भवता आज प्रधानमंत्री से हुई दिल्ली में धामी की मुलाकात में चारधाम यात्रा में गैस डीजल और पेट्रोल की कोई कमी प्रदेश में आने वाले समय में न हो इस पर भी सम्भवता चर्चा जरूर हुई होगी ताकि प्रदेश में आने वाले यात्रियों की यात्रा सुरक्षित और सुगम बन सके।