“ऑपरेशन कालनेमि” पर जोर,गैर हिन्दुओ पर रोक ! 

उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट, उत्तराखण्ड राज्य सरकार द्वारा देवभूमि की संस्कृति व गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले लोगों के खिलाफ जुलाई 2025 से प्रारम्भ हुआ “ऑपरेशन कालनेमी” निरंतर गति पर है, कई फर्जी साधु संत जो धार्मिक आस्था की आड़ में अपनी पहचान छुपा ठगी और अपराध को अंजाम देने की कोशिश कर रहे है उन सभी पर मुख्यमंत्री धामी के निर्देशानुसार चल रहे इस अभियान के तहत प्रशासन द्वारा लगातार शिकंजा कसा जा रहा है, वही प्रदेश में आगामी 2027 में धर्मनगरी कहे जाने वाले हरिद्वार में अर्धकुम्भ को लेकर तैयारियां भी शासन प्रशासन द्वारा प्रारम्भ कर दी गयी है, वही जिस प्रकार मुख्यमंत्री धामी के ऑपरेशन कालनेमी के जरिये देवभूमि उत्तराखंड की आध्यात्मिकता व संस्कृति को बचाने का प्रयास जारी है तो वही अर्धकुम्भ से पहले धर्मनगरी हरिद्वार में एक और धार्मिक आस्था से जुड़ा बड़ा मामला अब विवाद बनता दिखाई दे रहा है, आपको बता दे कि हरिद्वार स्थित विश्व प्रसिद्ध हर की पौड़ी क्षेत्र में गैर हिंदुओ के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए “गंगा महासभा” द्वारा पोस्टर लगा दिये गये है, यह मांग काफी समय से साधु संतो व गंगा सभा द्वारा पहले से सरकार से की गयी थी लेकिन सरकार द्वारा विषय से जुड़े सभी हितधारकों की बात सुन निर्णय लेने का फैसला लिया गया है, जिसका सरकार संज्ञान भी ले रही है, वही इन सबके बीच हरिद्वार “हर की पौड़ी” क्षेत्र की व्यवस्थाये देखने वाली गंगा सभा द्वारा लगाए गये पोस्टरो ने नए विषय को जन्म दे दिया है, लगाए गये पोस्टरों में साफ लिखा गया है कि यह क्षेत्र 1916 के म्युनिसिपल एक्ट, हरिद्वार के अंतर्गत आता है और यहाँ अहिंदुओ का प्रवेश वर्जित है,जिसके चलते इस मामले पर गंगा समिति ने धामी सरकार से गैर हिन्दुओं के प्रवेश पूर्णतः रोक लगाने की मांग भी की है.ऐसे में एक बार फिर “ऑपरेशन कालनेमी” के साथ गैर हिन्दुओं के प्रवेश को लेकर विपक्ष ने सरकार पर कई सवाल खड़े किए है.

 ‘ऑपरेशन कालनेमि’ को लेकर धामी सरकार सख्त रुख प्रदेश में दिखती नजर आ रही है। जिस पर मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है. कि यह अभियान किसी वर्ग या समुदाय के विरुद्ध नहीं, बल्कि कानून, व्यवस्था और देवभूमि की गरिमा की रक्षा के लिए है। आस्था का सम्मान किया जाएगा, लेकिन आस्था की आड़ में अपराध, पाखंड और धोखाधड़ी को किसी भी परिस्थिति में संरक्षण नहीं मिलेगा।वही एक ओर नया विवाद धर्म नगरी ने खड़ा होता नजर आ रहा है,जिसमे हरिद्वार में हर की पौड़ी सनातन धर्म और आस्था का प्रमुख केंद्र है. रोजाना यहां हजारों श्रद्धालु गंगा स्नान और दान पुण्य करने के लिए आते हैं. श्री गंगा सभा संस्था हर की पौड़ी क्षेत्र की व्यवस्थाएं देखने का कार्य करती है.गंगा महासभा का मानना है की, पौड़ी क्षेत्र में गैर हिन्दुओं के प्रवेश पर लगाई जाए. उनकी इस मांग का साधु संतों और हिंदूवादी संगठनों से जुड़े लोग भी समर्थन कर रहे हैं. उनका कहना है कि धार्मिक मर्यादा बनाए रखने के लिए गैर हिंदुओं का प्रवेश प्रतिबंधित किया जाना चाहिए.अब इस मामले पर सरकार चुपी साधे है जिसका निर्णय सरकार डिमांड को देखकर ही तय करने की बात कर रही है.

वही एक और प्रदेश में भगवा चोले और धार्मिक पहचान की आड़ में लोगों को ठगी का शिकार बनने वाले और उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों की तेजी से पहचान हो रही है। मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर चलाया गया “ऑपरेशन कालनेमि” एक ऐसा सशक्त अभियान है, जिसको भाजपा  उद्देश्य उत्तराखंड की शांति, सुरक्षा और संस्कृति की रक्षा करना मान रही है।वही विपक्षी दलों के साथ कांग्रेस ने ऑपरेशन कालनेमि को भी नाकाम बताते हुए कहा कि यदि बांग्लादेशी और रोहिंग्या जैसे घुसपैठिए राज्य में छिपे हैं तो यह खुफिया एजेंसियों और सरकार की सबसे बड़ी विफलता है। उन्होंने कहा कि भाजपा सिर्फ मुद्दों की राजनीति कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई असर नहीं दिख रहा।

प्रदेश स्तर पर अब तक कुल 4,802 से अधिक व्यक्तियों का सत्यापन, 724 अभियोग पंजीकरण तथा 511 गिरफ्तारियां की गई हैं। इसके अतिरिक्त अवैध रूप से रह रहे 19 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है. कि यह अभियान किसी वर्ग या समुदाय के विरुद्ध नहीं, बल्कि कानून, व्यवस्था और देवभूमि की गरिमा की रक्षा के लिए है। आस्था का सम्मान किया जाएगा, लेकिन आस्था की आड़ में अपराध, पाखंड और धोखाधड़ी को किसी भी परिस्थिति में संरक्षण नहीं मिलेगा। वही विपक्षी दलों “ऑपरेशन कालनेमि” के साथ गैर हिन्दुओं के प्रवेश को लेकर सरकार की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े करते नजर आ रहे.देखना होगा आने वाले समय पर क्या धामी सरकार “ऑपरेशन कालनेमि” के साथ हरिद्व्रार नगरी में गैर हिन्दुओ के प्रवेश की मांग को भी लेकर कोई बड़ा कदम आने वाले कुंभ से पहले लेने में कामयाब होगी या ये विवाद अभी ऐसे ही चलता नजर आएगा। 

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