सीएम योगी ने सुनाई दिनकर की कविता, माता प्रसाद को बताया ‘सच्चा समाजवादी’

डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र का आखिरी दिन शुक्रवार को काफी गहमागहमी भरा रहा। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में लगभग 2 घंटे 50 मिनट तक चलने वाली अपनी बजट स्पीच में विपक्ष पर जमकर हमले बोले और सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। सीएम योगी ने अपने भाषण की शुरुआत ही प्रसिद्ध कवि रामधारी सिंह दिनकर की एक कविता से की, जिसके माध्यम से उन्होंने जाति और धर्म से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में काम करने का संदेश दिया। अपनी स्पीच के दौरान सीएम योगी ने दिनकर की पंक्तियां सुनाईं, “मूल जानना बड़ा कठिन है नदियों का, वीरों का, धनुष छोड़ कर और गोत्र क्या होता रणधीरों का? पाते हैं सम्मान तपोबल से भूतल पर शूर, जाति-जाति का शोर मचाते केवल कायर, क्रूर।” उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने किसी की जाति, मत या मजहब को नहीं देखा है। उनका कहना था कि अगर सरकार को ये सब देखना पड़े तो यह एक पाप है। इस दौरान उन्होंने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय पर भी तंज कसते हुए कहा कि उन्हें गरीब ब्राह्मणों को भी छात्रवृत्ति दे देनी चाहिए थी, जो पहले स्कॉलरशिप तक नहीं पाते थे। इस पर माता प्रसाद ने तीखा जवाब देते हुए कहा, “पहले गरीब ब्राह्मण जीने तो पाएं।”

सच्चे समाजवादी को लठैत के साथ चलना पड़ता है- सीएम योगी

सीएम ने सपा सरकार पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा शासनकाल में हर साल जापानी इंसेफेलाइटिस से 1500 से 1700 अनुसूचित जाति और जनजाति के बच्चों की मौत होती थी, लेकिन 2019 के बाद से इस बीमारी का उन्मूलन हो चुका है। उन्होंने माता प्रसाद पर चुटकी लेते हुए कहा कि वह ‘सच्चे समाजवादी’ हैं, लेकिन उन्हें शिवपाल सिंह यादव जैसे ‘लठैत’ (बदमाश) के साथ चलना पड़ता है। अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए सीएम ने कहा कि पैसे की कमी के बावजूद उन्होंने 86 लाख किसानों का कर्ज माफ किया है। इसके अलावा, प्रदेश में डाटा सेंटर की स्थापना की जाएगी और सीएम युवा योजना के तहत 1.10 लाख युवाओं को ब्याजमुक्त गारंटीयुक्त लोन दिया जा चुका है। उन्होंने कांग्रेस पर भी हमला बोला और कहा कि भारत मंडपम में हुए एआई समिट में 100 से ज्यादा देशों के लोग आए थे, लेकिन कांग्रेस के युवा संगठन ने शर्मनाक हरकत करते हुए दुनिया में भारत की छवि खराब करने का काम किया।

सदन में चला हंसी मजाक का दौर

सदन में हंसी और मजाक का दौर भी देखने को मिला। जब माता प्रसाद पांडेय ने निजी स्कूलों और कॉलेजों की फीस तय करने के लिए कानून बनाने की मांग उठाई, तो उन्होंने गलगोटिया यूनिवर्सिटी का मजाक उड़ाया। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हुआ तो ‘गलगोटिया जैसी स्थिति’ हो जाएगी, जहां वे न जाने कहां से कुत्ता खोज लाए और दावा किया कि उन्होंने रोबोट बनाया है। दरअसल, हाल ही में आयोजित एआई समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने एक चीनी रोबोट को अपना बताकर प्रदर्शित किया था, जिसका पर्दाफाश होने के बाद सरकार ने उन्हें समिट से बाहर कर दिया था। माता प्रसाद की इस टिप्पणी पर सीएम योगी समेत पूरा सदन खूब हंसा।

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