डिजिटल डेस्क- बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आने लगी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और मनेर से विधायक भाई वीरेंद्र ने अपनी ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और टिकट वितरण की नीति पर तीखा हमला बोला है। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह खुले तौर पर RJD के सीनियर नेताओं पर सवाल उठाते नजर आ रहे हैं। इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। वायरल वीडियो में भाई वीरेंद्र कहते हैं कि वह और विजय मंडल दोनों एक साथ विधायक थे, लेकिन विधानसभा चुनाव में विजय मंडल का टिकट काट दिया गया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “विजय मंडल में क्या खामी थी? मैंने अपने दल में उनके लिए बहुत लड़ाई लड़ी। इनका टिकट नहीं काटना चाहिए था।” उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने जमीनी और समर्पित कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर बाहरी लोगों को टिकट दिए, जो दूसरे जिलों के थे और जिनका स्थानीय स्तर पर कोई आधार नहीं था।
पार्टी की हालत पर जारी की चेतावनी
भाई वीरेंद्र ने पार्टी के भीतर मौजूद कुछ नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि RJD में ऐसे नेता हैं, जो सिर्फ नाम के समाजवादी हैं और एक साथ तीन-तीन जिलों को कंट्रोल करते हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक ऐसे लोग राजनीति में रहेंगे और उनके कहने पर टिकट बांटे जाएंगे, तब तक किसी भी पार्टी की हालत वही होगी, जो आज RJD की हुई है। वीडियो वायरल होने के बाद भाई वीरेंद्र ने मीडिया से बातचीत में अपने बयान को दोहराया और साफ कहा कि वह हमेशा सच बोलते आए हैं और आगे भी सच ही बोलेंगे। उन्होंने कहा, “जो लोग पार्टी का दोहन और शोषण कर रहे हैं, उन्हें बाहर का रास्ता दिखाना होगा।” उनके इस बयान को पार्टी नेतृत्व के लिए सीधी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
विपक्षी नेताओं ने राजद पर साधा निशाना
भाई वीरेंद्र के बयान पर सत्तारूढ़ दलों ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता प्रभाकर मिश्र ने कहा कि भाई वीरेंद्र का बयान RJD की अंदरूनी सच्चाई को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि चुनाव में हार जनता की नहीं, बल्कि परिवारवाद और जातिगत तुष्टिकरण की हार है। “जब टिकट योग्यता के बजाय जाति और नजदीकियों के आधार पर बांटे जाएंगे, तो नतीजा ऐसा ही होगा,” उन्होंने कहा। BJP ने यह भी आरोप लगाया कि RJD में यह सवाल नहीं है कि कौन हारा, बल्कि यह है कि किसे जानबूझकर हराया गया। जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने भी इस मुद्दे पर RJD को घेरा है। जदयू की प्रवक्ता पूजा एन शर्मा ने कहा कि मनेर के विधायक खुद अपनी पार्टी की रणनीति और उम्मीदवार चयन से नाखुश हैं, इससे बड़ा सबूत पार्टी की अंदरूनी फूट का और क्या हो सकता है। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों की खरीद-फरोख्त और समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी का असर सीधे चुनावी नतीजों में दिखा है।