डिजिटल डेस्क- राजस्थान में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद अब भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता खुलकर मैदान में उतर आए हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ और कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा ने गहलोत के आरोपों को निराधार बताते हुए कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर बयान जारी कर कहा कि SIR न तो सरकार का काम है और न ही किसी राजनीतिक पार्टी का। यह पूरी तरह भारत निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को यह बुनियादी जानकारी भी नहीं है या फिर वे जानबूझकर जनता को भ्रमित कर रहे हैं। राठौड़ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास सरकार के खिलाफ कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वह झूठ और भ्रम फैलाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की पुरानी आदत रही है कि जब भी सत्ता से बाहर होती है, तो संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े करती है।
अशोक गहलोत सिर्फ बयानबाजी तक सीमित रह गए हैं- भाजपा नेता गोदारा
वहीं, कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा ने भी गहलोत के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत आजकल केवल बयानबाज़ी तक सीमित रह गए हैं और SIR जैसे संवैधानिक विषयों पर भी राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। गोदारा ने कहा कि देश आज़ाद होने के बाद अब तक 11 बार SIR प्रक्रिया हो चुकी है, जिनमें से 10 बार कांग्रेस के शासनकाल में हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि उस समय अगर किसी ने आरोप लगाए, तो उसके लिए कौन जिम्मेदार था। सुमित गोदारा ने आगे कहा कि SIR भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित की जाती है, जो एक स्वतंत्र और निष्पक्ष संवैधानिक संस्था है। ऐसे में यह कहना कि अधिकारी दबाव में काम कर रहे हैं, पूरी तरह गलत और भ्रामक है। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि अधिकारियों को प्रभावित करने के आरोप तो खुद अशोक गहलोत पर उनके ही OSD द्वारा लगाए गए थे। गोदारा ने यह भी आरोप लगाया कि गहलोत ने अपने कार्यकाल में विधायकों के कॉल रिकॉर्ड तक खंगाले थे।
एक्स पर पोस्ट कर एसआईआर प्रक्रिया पर लगाये थे गंभीर आरोप
इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक्स पर लंबा पोस्ट करते हुए SIR प्रक्रिया को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। गहलोत ने लिखा था कि राजस्थान में लोकतंत्र के लिए यह एक काला अध्याय है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने प्रशासन का दुरुपयोग कर मतदाता सूचियों में हेराफेरी की साजिश रची है। गहलोत का दावा था कि SIR प्रक्रिया के अंतिम दिन ERO के माध्यम से BLO पर दबाव डाला गया कि कांग्रेस विचारधारा वाले मतदाताओं के नाम हटाए जाएं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई जगहों पर पहले से भरे हुए फॉर्म-7 BLO को दिए गए और जिन अधिकारियों ने इसका विरोध किया, उन्हें तबादले की धमकी दी गई। गहलोत ने कहा कि उन्होंने इस पूरे मामले की जानकारी राज्य निर्वाचन आयुक्त को दी है और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।