डिजिटल डेस्क- पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने राज्यसभा चुनाव के लिए चार प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर सियासी हलकों में हलचल तेज कर दी है। पार्टी ने बाबुव सुप्रियो, राजीव कुमार, मेनका गोस्वामी और अभिनेत्री कोयल मल्लिक को उच्च सदन के लिए उम्मीदवार बनाया है। इस फैसले को सिर्फ औपचारिक घोषणा नहीं, बल्कि 2026 के राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखकर तैयार की गई रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। फिलहाल तृणमूल कांग्रेस के पास राज्यसभा में 13 सदस्य हैं। चार नई सीटों के साथ यह संख्या बढ़कर 17 हो सकती है, जिससे केंद्र की राजनीति में पार्टी की ताकत और प्रभाव बढ़ेगा। राज्यसभा की छह साल की अवधि TMC को दीर्घकालिक रणनीतिक लाभ देती है, खासकर तब जब विपक्षी एकजुटता और केंद्र-राज्य संबंधों के मुद्दे पर राजनीतिक खींचतान जारी है।
बाबुल सुप्रियो: हिंदू वोटरों को साधने की कोशिश?
सबसे ज्यादा चर्चा Babul Supriyo के नाम को लेकर है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कभी भाजपा के प्रमुख चेहरों में रहे बाबुल ने 2021 में TMC का दामन थामा था। विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद ममता बनर्जी ने उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला किया है, जिसे बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि बाबुल की पहचान एक लोकप्रिय गायक और हिंदू चेहरा के रूप में रही है। बंगाल में लगभग 70 प्रतिशत हिंदू आबादी को ध्यान में रखते हुए TMC को ऐसा चेहरा चाहिए था, जो भाजपा के हिंदुत्व नैरेटिव का जवाब दे सके। 2021 के चुनाव में TMC ने हिंदू वोटों का उल्लेखनीय हिस्सा हासिल किया था और बाबुल जैसे नेता पार्टी को ‘हिंदू-विरोधी’ टैग से बाहर निकालने में मदद कर सकते हैं। दिल्ली की राजनीति में उनका अनुभव और केंद्र सरकार में मंत्री रहने का रिकॉर्ड भी पार्टी के लिए उपयोगी माना जा रहा है। संसद में बंगाल से जुड़े मुद्दों जैसे बाढ़ नियंत्रण, औद्योगिक निवेश और रोजगार को मजबूती से उठाने में उनकी भूमिका अहम हो सकती है। हालांकि, बाबुल पर TMC कार्यकर्ताओं के साथ टकराव के आरोप भी लगे हैं, जिससे पार्टी के भीतर कुछ असंतोष की चर्चा भी है।
संतुलन और युवा ऊर्जा का मिश्रण
राजीव कुमार और मेनका गोस्वामी को अनुभवी और संतुलित चेहरों के रूप में देखा जा रहा है, जो संगठनात्मक मजबूती का प्रतिनिधित्व करते हैं। वहीं, कोयल मल्लिक जैसे लोकप्रिय और युवा चेहरे को आगे लाकर TMC ने सांस्कृतिक और ग्लैमर अपील को भी साधने की कोशिश की है। इससे पार्टी को युवा मतदाताओं और शहरी वर्ग में नई ऊर्जा मिल सकती है।