यूपी की सियासत में बड़ा उलटफेर: नसीमुद्दीन सिद्दीकी 15 फरवरी को थामेंगे अखिलेश यादव का हाथ, हाल ही में दिया था कांग्रेस से इस्तीफा

डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश में भले ही विधानसभा चुनाव में अभी समय हो, लेकिन सियासी हलचल तेज हो चुकी है। इसी बीच कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगने जा रहा है। प्रदेश के कद्दावर मुस्लिम नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी 15 फरवरी को समाजवादी पार्टी का दामन थाम सकते हैं। बताया जा रहा है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव खुद उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, सिद्दीकी के साथ कई पूर्व विधायक और नेता भी सपा में शामिल हो सकते हैं। हाल ही में नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस से इस्तीफा दिया था, जिसके बाद उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें तेज थीं। अब उनके सपा में जाने की खबर से प्रदेश की राजनीति में नई सरगर्मी पैदा हो गई है।

बसपा के कद्दावर नेता रहे हैं सिद्दीकी

गौरतलब है कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी का लंबा राजनीतिक सफर रहा है। वे कांग्रेस से पहले बहुजन समाज पार्टी में अहम भूमिका निभा चुके हैं और कभी मायावती के बेहद करीबी माने जाते थे। हालांकि 2017 में उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने कांग्रेस का रुख किया। 24 जनवरी को कांग्रेस छोड़ते समय सिद्दीकी ने पार्टी की कार्यशैली और आंतरिक हालात पर असहजता जताई थी। उन्होंने संकेत दिए थे कि उन्हें पर्याप्त सम्मान नहीं मिल रहा था। कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें मनाने की कोशिश भी की, लेकिन बात नहीं बन सकी।

2027 के चुनाव को देखते हुए लिया फैसला

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह घटनाक्रम कांग्रेस के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है, जबकि समाजवादी पार्टी के लिए इसे एक रणनीतिक मजबूती के रूप में देखा जा रहा है। यूपी की राजनीति में जातीय और सामाजिक समीकरण अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में सिद्दीकी का सपा में शामिल होना विपक्षी खेमे के समीकरणों को बदल सकता है। आने वाले दिनों में और भी नेताओं के पाला बदलने की संभावना जताई जा रही है, जिससे चुनावी मुकाबला और दिलचस्प होने के आसार हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *