शिव शंकर सविता- बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने अपने राजनीतिक वजूद को बचाने और दोबारा मजबूती हासिल करने के लिए बड़ी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। पंचायत चुनाव से लेकर विधानसभा चुनाव तक पार्टी अब पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है। इसी कड़ी में मार्च महीने से बसपा के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद प्रदेशभर में जनसभाओं और रोड शो के जरिए मैदान में उतर सकते हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बसपा सुप्रीमो मायावती की अंतिम मंजूरी मिलते ही इस कार्यक्रम का औपचारिक ऐलान किया जाएगा। आकाश आनंद को पार्टी के युवा चेहरे के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है, जिन पर संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ पार्टी के पारंपरिक वोट बैंक को फिर से संगठित करने की जिम्मेदारी होगी। दरअसल, बसपा पिछले करीब 14 वर्षों से सत्ता से बाहर है और पार्टी नेतृत्व इसे अपना “राजनीतिक वनवास” मानता है। मायावती ने अपने हालिया जन्मदिन के अवसर पर साफ संकेत दिए थे कि पार्टी अब किसी भी चुनाव में गठबंधन नहीं करेगी और अकेले दम पर चुनावी मैदान में उतरेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि पार्टी और मूवमेंट के हित में कड़े फैसले लेने से वे पीछे नहीं हटेंगी।
आकाश आनंद को सौंपी जा सकती है यूपी की बड़ी जिम्मेदारी
पार्टी सूत्रों का कहना है कि मायावती भले ही सक्रिय राजनीति में सीमित सार्वजनिक उपस्थिति रखें, लेकिन रणनीतिक जिम्मेदारियां अब धीरे-धीरे आकाश आनंद को सौंपी जा रही हैं। आकाश को उत्तर प्रदेश का व्यापक दौरा करने और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम दिया जा सकता है। गौरतलब है कि इससे पहले मायावती ने आकाश आनंद को यूपी और उत्तराखंड की राजनीति से दूर रखने का फैसला किया था, लेकिन बदलते राजनीतिक हालात में पार्टी को अपने पुराने फैसले पलटने पड़ रहे हैं। बसपा को लग रहा है कि युवा नेतृत्व के बिना संगठन में नई ऊर्जा लाना मुश्किल होगा।
संगठन को मजबूत करने की कोशिश
प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल लगातार जिलों का दौरा कर रहे हैं और अन्य दलों के नेताओं को बसपा में शामिल कर संगठन को मजबूत करने की कोशिश में जुटे हैं। अब इसी अभियान को गति देने के लिए आकाश आनंद को फ्रंट फुट पर लाने की तैयारी है। आकाश आनंद इससे पहले बिहार में भी लगातार रोड शो और जनसभाएं कर चुके हैं। पार्टी सूत्रों का दावा है कि उनके अभियान की वजह से बसपा वहां अपना वोट बैंक बचाने में कामयाब रही और एक विधायक की जीत भी सुनिश्चित हुई। इसी अनुभव के आधार पर पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि यूपी में भी आकाश आनंद बसपा को संजीवनी दे सकते हैं।