डिजिटल डेस्क- महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी का दौर तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी ने विधान भवन में ऐसा बयान दिया है, जिसने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। उनके मुताबिक राज्य में मुसलमानों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं और हालात चिंताजनक होते जा रहे हैं। विधान भवन में बोलते हुए अबू आजमी ने कहा कि मौजूदा माहौल में मुसलमानों के लिए सड़कों पर निकलना तक मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा, “दाढ़ी, कुर्ता-टोपी पहनकर निकलने वाले को कब कौन मार दे, कुछ कहा नहीं जा सकता।” उनके इस बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
हाल की घटनाओं का किया जिक्र
आजमी ने अपने बयान में हाल के कुछ घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि पुणे में इफ्तार कर रहे लोगों पर धारदार हथियारों से हमला हुआ, अकोला में एक 17 साल के युवक की हत्या कर दी गई और नांदेड़ में ईद के दिन संदिग्ध मोटरसाइकिल ब्लास्ट हुआ। उनके मुताबिक ये घटनाएं राज्य में बढ़ती नफरत और असहिष्णुता की ओर इशारा करती हैं। उन्होंने कहा कि “सहनशीलता खत्म होती जा रही है और कानून-व्यवस्था की स्थिति बहुत खराब हो चुकी है।” सपा विधायक ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता के लिए नफरत की राजनीति की जा रही है, जिसका खामियाजा समाज को भुगतना पड़ रहा है।
सीएम देवेंद्र फडणवीस से की मांग
उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मांग की कि हेट क्राइम के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। इसी के साथ अबू आजमी ने हाल ही में रिलीज हुई फिल्म धुरंधर 2 को लेकर भी विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि देश में कई बड़े दंगे और घटनाएं हुई हैं, जिन पर फिल्म बनाई जा सकती थी, लेकिन ‘धुरंधर 2’ एक साजिश के तहत बनाई गई है ताकि मुसलमानों को बदनाम किया जा सके। उनके इस बयान ने फिल्म और राजनीति के बीच नए विवाद को जन्म दे दिया है।