मेरठः चौधरी चरण सिंह-जयंत पर विवादित टिप्पणी पड़ी भारी, जाट संसद संस्थापक पर दर्ज हुई एफआईआर

डिजिटल डेस्क- पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सियासी और सामाजिक माहौल उस वक्त गरमा गया जब किसानों के मसीहा और भारत रत्न चौधरी चरण सिंह और उनके पौत्र जयंत चौधरी पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला सामने आया। इस बयान के विरोध में राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के कार्यकर्ताओं ने मेरठ के कंकरखेड़ा थाने में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। जानकारी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के संस्थापक रामअवतार पलसानिया के बयान के विरोध में रालोद जिलाध्यक्ष अनिकेत भारद्वाज और गौरव पवार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता थाने पहुंचे। वहां उन्होंने जमकर नारेबाजी की और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए। रालोद नेताओं ने स्पष्ट कहा कि चौधरी चरण सिंह केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे देश के किसानों के प्रतीक हैं और उनके सम्मान से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

अगर माफी नहीं मांगी तो पूरे यूपी में एंट्री होगी बैन

मामले की गंभीरता को देखते हुए मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय के निर्देश पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353-2 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि अपमानजनक टिप्पणी और सामाजिक वैमनस्य फैलाने के आरोप में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इधर, दौराला क्षेत्र के सकौती में जाट समाज की एक बड़ी बैठक आयोजित की गई, जिसमें अखिल भारतीय जाट महासभा के अध्यक्ष रोहित जाखड़ ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि चौधरी चरण सिंह का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आरोपी ने माफी नहीं मांगी, तो उसकी उत्तर प्रदेश में एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी जाएगी। बैठक में समाज के लोगों ने हाल ही में सकौती टांडा में महाराजा सूरजमल की प्रतिमा स्थापना के नाम पर आयोजित कार्यक्रम पर भी सवाल उठाए।

विवाद बढ़ने पर वीडियो जारी कर मांगी माफी

आरोप लगाया गया कि इस आयोजन को राजनीतिक मंच बना दिया गया और करोड़ों रुपये का चंदा जुटाया गया। पूर्व प्रधान योगेंद्र और एडवोकेट कपिल मलिक समेत कई वक्ताओं ने कहा कि समाज ने पलसानिया को सम्मान दिया था, लेकिन इस तरह की टिप्पणी अस्वीकार्य है। विवाद बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनु चौधरी ने एक वीडियो जारी कर सफाई दी कि पलसानिया का बयान उनका व्यक्तिगत विचार है और संस्था का इससे कोई संबंध नहीं है। इस बीच बढ़ते विरोध के दबाव में रामअवतार पलसानिया ने भी सफाई देते हुए अपने शब्द वापस ले लिए हैं। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह उनके आदर्श हैं और उन्होंने कभी उनके या उनके परिवार के खिलाफ कुछ गलत कहने की मंशा नहीं रखी। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि उनके बयान से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो वह अपने शब्द वापस लेते हैं।

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