डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के मेरठ से भाजपा से जुड़े नेताओं की दबंगई का एक और मामला सामने आया है। पल्लवपुरम थाना क्षेत्र के फेस-टू इलाके में मंगलवार देर रात एक रेस्टोरेंट में जमकर तोड़फोड़ की गई और कर्मचारी के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। इस मामले में भाजपा पार्षद विक्रांत ढाका के भाई शिवांग ढाका सहित दिल्ली पुलिस में तैनात सिपाही और अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। घटना की पूरी वारदात रेस्टोरेंट में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिससे आरोपियों की दबंगई और कानून से बेखौफ रवैया साफ नजर आ रहा है। पीड़ित रेस्टोरेंट संचालक विवेक दहिया ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह फेस-टू इलाके में अपना रेस्टोरेंट चलाते हैं। मंगलवार रात वह रेस्टोरेंट बंद करने की तैयारी कर रहे थे, तभी दो गाड़ियों में सवार करीब एक दर्जन लोग वहां पहुंचे। आरोप है कि वार्ड 57 से भाजपा पार्षद विक्रांत ढाका का भाई शिवांग ढाका, मोहम्मदपुर गांव निवासी दिल्ली पुलिस में तैनात सिपाही रोहित और इकलौता गांव निवासी मोनू अपने साथियों के साथ रेस्टोरेंट में जबरन घुस आए।
बीच-बचाव करने आये लोगों को भी नहीं छोड़ा
विवेक दहिया का आरोप है कि आरोपियों ने रेस्टोरेंट बंद करने का विरोध किया और धमकी दी कि अगर रेस्टोरेंट बंद किया गया तो जान से मार देंगे। जब संचालक ने इसका विरोध किया तो आरोपी उग्र हो गए। इसके बाद रेस्टोरेंट में जमकर तोड़फोड़ की गई। काउंटर का शीशा तोड़ दिया गया और बीच-बचाव करने आए एक कर्मचारी के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। घटना के वक्त रेस्टोरेंट में मौजूद ग्राहक भी दहशत में आ गए। सबसे गंभीर बात यह है कि पूरी वारदात रेस्टोरेंट में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में साफ दिख रहा है कि किस तरह आरोपी खुलेआम गुंडागर्दी कर रहे हैं। विवेक दहिया ने सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंपते हुए पल्लवपुरम थाने में नामजद तहरीर दी। इसके बाद पुलिस ने तीन नामजद और करीब 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आरोपी और साथी गिरफ्तार
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भाजपा पार्षद के भाई शिवांग ढाका, मोनू और हरिओम को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस में तैनात सिपाही रोहित घटना के बाद से फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। सवाल यह भी उठ रहा है कि एक तरफ आम जनता पर कानून का सख्त शिकंजा दिखाया जाता है, वहीं सत्ता से जुड़े लोगों के मामले में कार्रवाई अक्सर सवालों के घेरे में रहती है। एसपी सिटी आयुष बिक्रम सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी रेस्टोरेंट में खाना खाने आए थे और रेस्टोरेंट बंद होने की बात को लेकर विवाद बढ़ गया। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सिर्फ विवाद नहीं, बल्कि सत्ता के नशे में की गई खुली दबंगई है।