डिजिटल डेस्क- महाराष्ट्र में महानगरपालिकाओं के चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। विभिन्न नगर निगमों के लिए उम्मीदवारों की अंतिम सूची सामने आ चुकी है, जिसमें कई सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। कल्याण-डोंबिवली नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 15 और शिवसेना के 6 उम्मीदवार निर्विरोध जीत दर्ज कर चुके हैं। वहीं ठाणे महानगरपालिका में शिवसेना के 7 प्रत्याशियों ने बिना मुकाबले जीत हासिल की है। इस बीच, देश की सबसे बड़ी महानगरपालिका बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के फाइनल आंकड़े भी जारी कर दिए गए हैं। चुनाव आयोग द्वारा की गई जांच प्रक्रिया के दौरान कुल 167 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र अवैध घोषित किए गए, जबकि 2,231 प्रत्याशियों के नामांकन पत्र वैध पाए गए। इसके अलावा, 453 उम्मीदवारों ने स्वेच्छा से अपने नामांकन पत्र वापस ले लिए। इन सभी प्रक्रियाओं के बाद अब बीएमसी चुनाव में कुल 1,700 उम्मीदवार मैदान में बचे हैं। बीएमसी चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी शनिवार से बीएमसी चुनाव के लिए अपनी पार्टी के प्रचार अभियान की शुरुआत करने जा रहे हैं। ओवैसी के मैदान में उतरने से मुंबई की सियासत में मुकाबला और रोचक होने की उम्मीद है। वहीं, महाराष्ट्र के कुछ महानगरपालिकाओं में निर्विरोध हुए चुनावों को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं।
राज्य चुनाव आयोग ने दिए जांच के आदेश
राज्य चुनाव आयोग ने ऐसे मामलों में जांच के आदेश दे दिए हैं। आयोग यह पता लगाएगा कि कहीं उम्मीदवारों पर दबाव या लालच देकर नामांकन वापस तो नहीं कराए गए। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही राज्य चुनाव आयोग निर्विरोध निर्वाचित उम्मीदवारों के नामों की औपचारिक घोषणा करेगा। अब तक के आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनाव में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के कुल 68 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। इनमें BJP के 44, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के 22 और उपमुख्यमंत्री अजित पवार गुट के 2 उम्मीदवार शामिल हैं। BJP नेता केशव उपाध्याय ने इसे शहरी स्थानीय निकायों में पार्टी की बढ़ती ताकत का संकेत बताया है। उन्होंने कहा कि बिना विरोध के जीत दर्ज करना जनता के विश्वास और संगठन की मजबूती को दर्शाता है।
चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप
दूसरी ओर, कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे को पत्र लिखकर बीएमसी चुनाव के दौरान आचार संहिता के कथित उल्लंघन का मुद्दा उठाया है। कांग्रेस ने महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर और उनके कथित समर्थित उम्मीदवारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि विधानसभा अध्यक्ष ने अपने संवैधानिक पद का दुरुपयोग करते हुए चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया और अधिकारियों पर दबाव डालकर विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दाखिल करने से रोका गया। कांग्रेस ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।