KNEWS DESK- इस साल मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जा रही है। यह पर्व जहां एक ओर सूर्य के मकर राशि में प्रवेश और उत्तरायण का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर पतंगबाजी, तिल-गुड़ के व्यंजन और पारिवारिक उल्लास का त्योहार भी है। आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भर जाता है और बच्चे-बुजुर्ग सभी इस उत्सव में शामिल होते हैं।

लेकिन खुशियों के इस दिन जरा-सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। इसलिए पतंग उड़ाते समय कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है।
चाइनीज मांझे से बनाएं दूरी
पतंगबाजी के दौरान चाइनीज मांझा सबसे बड़ा खतरा बन सकता है। इससे न सिर्फ लोग गंभीर रूप से घायल होते हैं, बल्कि कई बार जान भी चली जाती है। पक्षियों के लिए भी यह बेहद घातक है। मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाते समय केवल साधारण सूती मांझे का ही इस्तेमाल करें।
बच्चों को छत पर अकेला न छोड़ें
अगर बच्चे पतंग उड़ा रहे हैं तो उन पर खास नजर रखना जरूरी है। कई बार बच्चे मांझे से उंगलियां काट लेते हैं या फिर पतंग उड़ाते-उड़ाते छत के किनारे का ध्यान नहीं रखते। खासतौर पर नीची मुंडेर वाली छतों पर बच्चों को कभी अकेला न छोड़ें।

पतंग लूटने के चक्कर में न लें जोखिम
कटी हुई पतंग लूटने का जोश बच्चों में ज्यादा होता है। लेकिन इस दौरान छतों से कूदना, सड़कों की ओर दौड़ना या बिजली के तारों में फंसी पतंग खींचना बेहद खतरनाक हो सकता है। बच्चों को पहले से ही समझाएं कि सुरक्षा सबसे जरूरी है।
सेहत और त्वचा का भी रखें ख्याल
पतंग उड़ाते समय अक्सर लोग घंटों धूप में रहते हैं। ऐसे में पानी पीते रहना बहुत जरूरी है। बच्चों के हाइड्रेशन पर खास ध्यान दें और उन्हें हेल्दी ड्रिंक्स दें। धूप से बचने के लिए सनस्क्रीन लगाएं, ताकि त्वचा पर रैशेज और टैनिंग न हो।
उत्सव का आनंद लें, सावधानी के साथ
मकर संक्रांति सिर्फ धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि खुशी, प्रकृति और सेहत से जुड़ा त्योहार है। थोड़ी-सी सावधानी बरतकर आप इस दिन को सुरक्षित और यादगार बना सकते हैं। पतंग उड़ाइए, मिठाइयों का स्वाद लीजिए और अपनों के साथ इस पर्व का भरपूर आनंद उठाइए।