KNEWS DESK- होली का त्योहार रंगों, उमंग और आपसी भाईचारे का प्रतीक है। इस दिन लोग पुराने गिले-शिकवे भूलकर एक-दूसरे को रंग लगाते हैं और खुशियां मनाते हैं। पहले के समय में घरों में प्राकृतिक चीजों से रंग बनाए जाते थे, लेकिन आजकल बाजार में मिलने वाले कई रंग केमिकल युक्त होते हैं, जो त्वचा और बालों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

ऐसे में बेहतर है कि इस होली आप घर पर ही ऑर्गेनिक गुलाल तैयार करें। इसके लिए ज्यादा महंगे या दुर्लभ सामान की जरूरत नहीं होती। आइए जानते हैं पीला, गुलाबी, हरा और नारंगी गुलाल बनाने के आसान तरीके।
पीला गुलाल कैसे बनाएं?
पीला रंग बनाने के लिए हल्दी सबसे बेहतरीन विकल्प है।
विधि:
- पैकेट वाली हल्दी की बजाय साबुत हल्दी की गांठ लें और घर पर पीसें।
- कच्ची हल्दी को थोड़ा पानी डालकर पीस लें और पेस्ट बना लें।
- इस पेस्ट को मलमल या सूती कपड़े में डालकर रस निकाल लें।
- अब इसमें अरारोट या कॉर्न स्टार्च मिलाएं।
- मिश्रण को धूप में अच्छी तरह सुखा लें।
- सूखने के बाद दोबारा ग्राइंडर में चलाकर बारीक पाउडर बना लें।
इस तरह तैयार पीला गुलाल त्वचा के लिए सुरक्षित और प्राकृतिक होगा।
गुलाबी गुलाल बनाने का तरीका
गुलाबी रंग के लिए चुकंदर एक बेहतरीन प्राकृतिक विकल्प है।
विधि:
- चुकंदर को काटकर पीस लें और उसका रस निकाल लें।
- रस में कॉर्न स्टार्च या अरारोट मिलाएं।
- इसे धूप में सुखाकर दोबारा पीस लें।
अगर गहरा गुलाबी रंग चाहिए तो चुकंदर का रस ज्यादा रखें, हल्का रंग चाहिए तो स्टार्च की मात्रा बढ़ा दें।
आप गुलाब की पंखुड़ियों या अनार के रस से भी गुलाबी गुलाल बना सकते हैं।
हरा गुलाल कैसे तैयार करें?
हरा रंग बनाने के लिए पत्तेदार सब्जियां उपयोगी होती हैं। पालक सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है।
विधि:
- पालक को अच्छी तरह धोकर काट लें।
- इसे पीसकर रस निकाल लें।
- रस में कॉर्न स्टार्च मिलाएं।
- धूप में सुखाकर बारीक पीस लें।
इससे आपको प्राकृतिक और आकर्षक हरा रंग मिलेगा।
नारंगी गुलाल बनाने की विधि
नारंगी रंग के लिए पलाश के फूलों का इस्तेमाल किया जाता है।
विधि:
- पलाश के सूखे फूलों को पीस लें।
- इसमें चावल का आटा, अरारोट या कॉर्न स्टार्च मिलाकर पेस्ट बनाएं।
- धूप में सुखाएं और फिर से ग्राइंड करके पाउडर बना लें।
इससे तैयार नारंगी गुलाल बेहद सुंदर और सुरक्षित होता है।
गुलाल में खुशबू कैसे मिलाएं?
अगर आप अपने घर के बने गुलाल में हल्की सुगंध चाहते हैं, तो ग्राइंड करते समय कुछ बूंदें इत्र मिला सकते हैं।
इसके अलावा लैवेंडर, केवड़ा, खस या चंदन का एसेंशियल ऑयल भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
गुलाब जल मिलाकर भी गुलाल को हल्की प्राकृतिक खुशबू दी जा सकती है।
सुरक्षित और खुशहाल होली का संदेश
घर पर बनाए गए ऑर्गेनिक गुलाल न सिर्फ त्वचा के लिए सुरक्षित होते हैं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी बेहतर हैं। इस होली प्राकृतिक रंगों के साथ त्योहार का आनंद लें और सेहत का भी ध्यान रखें। रंगों के इस पावन पर्व को प्रेम, सौहार्द और खुशियों के साथ मनाएं।