KNEWS DESK- दाल भारतीय रसोई का एक अहम हिस्सा है और वेजिटेरियन प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत मानी जाती है। हर घर में लगभग रोज़ बनने वाली दाल न सिर्फ एक डिश है, बल्कि यह एक इमोशनल कम्फर्ट फूड भी है। मौसम चाहे कोई भी हो सर्दी, गर्मी या बरसात दाल हर समय पसंद की जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दाल बनाने का सही तरीका अपनाने से इसके पोषक तत्व और भी बेहतर तरीके से मिल सकते हैं?
जल्दीबाजी में न करें ये आम गलती
अक्सर लोग दाल को सिर्फ धोकर सीधे प्रेशर कुकर में डाल देते हैं और मसालों के साथ पका लेते हैं। यह तरीका आसान जरूर है, लेकिन सही नहीं है। सही तकनीक अपनाकर आप दाल के स्वाद और पोषण दोनों को बेहतर बना सकते हैं।
दाल भिगोना क्यों है जरूरी?
दाल को पकाने से पहले कम से कम 30 मिनट तक भिगोना बहुत जरूरी होता है। इससे दाल में मौजूद फाइटिक एसिड कम हो जाता है, जो शरीर में आयरन, जिंक और कैल्शियम के अवशोषण में बाधा डालता है। भिगोने के बाद दाल का पानी फेंक देना चाहिए और ताजे पानी में ही दाल पकानी चाहिए। इससे दाल ज्यादा हेल्दी और पचने में आसान बनती है।

उबालते समय झाग हटाना न भूलें
दाल को सीधे ढक्कन लगाकर पकाने की बजाय पहले खुला उबालना चाहिए। उबालते समय जो झाग ऊपर आता है, उसे हटाना बेहद जरूरी है। यह झाग सैपोनिन और अशुद्धियों का मिश्रण होता है, जो पाचन में दिक्कत पैदा कर सकता है। कुछ मिनट तक दाल को बिना ढक्कन के उबालकर झाग निकाल देना सही तरीका है।
मसाले डालने का सही समय
दाल को पहले कुछ मिनट बिना ढक्कन के उबालें और झाग हटाएं। इसके बाद ही नमक, हल्दी और अन्य मसाले डालें। फिर इसे प्रेशर कुकर में पकाएं। अंत में देसी घी या तेल में तड़का लगाकर दाल को और स्वादिष्ट बनाया जा सकता है। यह तरीका दाल के फ्लेवर को और बढ़ा देता है।
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कुकिंग है एक कला, अपनाएं सही तरीका
खाना बनाना सिर्फ रोज़मर्रा का काम नहीं, बल्कि एक कला है। सही तरीके से पकाने पर ही खाने के पूरे पोषक तत्व हमें मिलते हैं। अगर आप दाल बनाते समय इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखेंगे, तो न सिर्फ इसका स्वाद बेहतर होगा, बल्कि यह आपकी सेहत के लिए भी ज्यादा फायदेमंद साबित होगी।